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काल बन चुके स्मार्ट सिटी के खुले नाले: आखिर कब ढकेंगे मौत के ये मुहाने? लगातार हादसों के बाद भी इंतजार

Thu, 03 Sep 2026 10:41 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में 411 से ज्यादा छोटे-बड़े नालों में केवल 18 किलोमीटर हिस्सा ढका है, जबकि बाकी खुले नाले हादसों को न्योता दे रहे हैं। औद्योगिक संगठनों और पार्षदों ने खतरनाक नालों को प्री-कास्ट स्लैब से ढकने और सफाई के लिए अभियान चलाने की मांग उठाई है।
 
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ये हैं स्मार्ट सिटी आगरा में मौत के नाले - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा स्मार्ट सिटी के खुले नाले मौत का कुआं बन चुके हैं। लगातार हादसों के बाद भी नगर निगम ने इन्हें ढकने की जहमत नहीं उठाई है। शहर के औद्योगिक संगठन नेशनल चैंबर, एसोचैम, उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल, मोतीगंज खाद्य व्यापार समिति ने खुले नालों को ढकने की मांग उठाई है। उद्यमियों का कहना है कि मौत के मुहानों पर रह रहे लोगों के साथ हादसे रोकने के लिए तत्काल अभियान चलाकर नालों को ढका जाए मगर निगम प्रशासन आंखों पर पट्टी बांधे हुए है।
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शहर में 411 से ज्यादा छोटे-बड़े नाले हैं, जिनमें से केवल 18 किमी. ही ढके हुए हैं, अन्य खुले पड़े हैं। औद्योगिक संगठनों के साथ नगर निगम में भाजपा, बसपा, सपा और कांग्रेस के पार्षदों ने नालों को प्री-कास्ट स्लैब से ढकने की मांग उठाई है। नगर आयुक्त को पत्र सौंपने के साथ उन्होंने नालों की सफाई कराकर कवर कराने के लिए कहा है।

 

यह बोले उद्यमी
नेशनल चैंबर के अध्यक्ष मनोज बंसल ने कहा कि खुले नाले शहर की छवि पर दाग की तरह है। हर शहर में नाले काफी हद तक ढके हैं, जबकि यहां खुले नाले में कई लोगों की मौत भी हो चुकी हैं। चैंबर ने नाले कवर कराने की मांग की है।

नेशनल चैंबर के उपाध्यक्ष अंबा प्रसाद गर्ग का कहना है कि आबादी वाली जगह तत्काल नाले ढकवाए जाएं। चैंबर की ओर से यह मांग लगातार की जा रही है। सफाई के साथ जन सुरक्षा के लिए यह बेहद जरूरी है।

नेशनल चैंबर के पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल का कहना है कि शाही कैनाल, मंटोला, महावीर नाला, भैंरो नाला के साथ सभी नालों को ढका जाए तो लोगों की सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं। ढकने से कोई इनमें कचरा भी नहीं डाल पाएगा।

नेशनल चैंबर के पूर्व अध्यक्ष संजय गोयल का कहना है कि धनौली, नरीपुरा, यूपीएसआईडीसी, फ्रीगंज समेत कई जगह नाले जानलेवा हो चुके हैं। औद्योगिक इलाकों में भी नाले खुले हैं, जिन्हें ढका जाए ताकि इनमें कचरा न डाला जा सके।

 
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पार्षद बोले, अभियान चलाकर ढकवाएं
बसपा पार्षद दल के नेता कप्तान सिंह ने कहा कि नालों के चोक होने के कारण बारिश में सड़कों पर पानी भरा रहा है। इसमें पता ही नहीं चलता कि नाला कहां है। निगम अभियान चलाकर खतरनाक और जानलेवा नालों को ढकवाए। 

नाई की मंडी के पार्षद सुहेल कुरैशी ने बताया कि नाई की मंडी क्षेत्र में नाले खुले पड़े हैं। अधिकांश टूटे हैं, जहां लोग फिसलकर गिर सकते हैं। इन्हें तत्काल मरम्मत और ढकने की जरूरत है। 

केके नगर के पार्षद वेद प्रकाश गोस्वामी का कहना है कि क्षेत्र में जनकपुरी का आयोजन होने वाला है। नगर निगम से हाईवे से लेकर आखिरी छोर तक नाले को प्री-कास्ट स्लैब से ढकने की मांग की है। 

प्रकाश नगर के पार्षद अरविंद मथुरिया ने कहा कि क्षेत्र में खुले नालों में ऑटो, बाइक सवारों के गिरने के कई हादसे हो चुके हैं। नगर आयुक्त को पत्र भी दिए हैं लेकिन किसी भी जगह स्लैब नहीं रखवाए गए। 
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