श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कान्हा के प्रिय भोग पाग के लिए इस्तेमाल होने वाले मेवों के दाम बढ़ने से श्रद्धालुओं का बजट बिगड़ गया है। चिरौंजी, बादाम, पिस्ता, इलायची और मखाने समेत कई सामग्री पिछले साल के मुकाबले महंगी हो गई हैं।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर (शुक्रवार) को है। घरों और मंदिरों में कान्हा के जन्म की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन इस बार भगवान के प्रिय भोग पाग पर महंगाई का साया है। चिरौंजी, गिरी का बुरादा, किशमिश और खरबूजे के बीज तक के दामों में भारी उछाल है। इस महंगाई ने आम श्रद्धालुओं का बजट बिगाड़ दिया है।
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त्योहार के लिए बाजारों में रौनक तो है लेकिन कीमतें सुनकर ग्राहकों को झटका लग रहा है। शहर के प्रमुख थोक बाजार रावतपाड़ा, लोहामंडी, शाहगंज, कमला नगर और सिकंदरा की फुटकर दुकानों पर खरीदारी के लिए लोग पहुंच रहे हैं। हालांकि, मेवे की कीमतों में लगी आग ने खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है।
विशेष रूप से हरा पिस्ता, इलायची, बादाम और मखाने की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। कमला नगर बाजार में खरीदारी करने आईं गृहिणी सुनीता शर्मा ने बताया कि हर साल हम कान्हा के लिए पांच तरह के मेवा का पाग बनाते हैं। इस बार दाम इतने ज्यादा हैं कि मात्रा कम करनी पड़ रही है। महंगाई ने बजट बिगाड़ दिया है लेकिन भगवान को भोग तो लगाना ही है।
रावतपाड़ा के थोक व्यापारी दिनेश खंडेलवाल ने बताया कि पीछे मंडियों से ही मेवा महंगी आ रही है। इसका सीधा असर खरीदारी पर दिख रहा है। मेवा व्यापारी अशोक लालवानी ने कहा कि जो ग्राहक पहले एक किलो मेवा खरीदते थे, वे अब आधा किलो या उससे कम में ही काम चला रहे हैं।