मैनपुरी। कोरोना महामारी के बीच एक बार फिर से जिले भर के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गईं। अचानक ओपीडी सेवा बंद होने से शनिवार को जिला अस्पताल सहित सीएचसी और पीएचसी से मरीज निराश लौट गए।
कोरोना महामारी के बीच शनिवार को सुबह आठ बजे से ही जिला अस्पताल की ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गईं। बिना किसी पूर्व सूचना के ओपीडी सेवा बंद होने से यहां पहुंचे मरीजों को लौटना पड़ा। मरीजों ने बाद में निजी डॉक्टरों के यहां पहुंचकर उपचार लिया। कुछ मरीज जिनके पास प्राइवेट उपचार के लिए पैसे नहीं थे बिना उपचार के ही लौट गए। जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवा के अतिरिक्त केवल बुखार क्लीनिक खोला गया। अन्य किसी भी प्रकार के मरीज को ओपीडी में उपचार नहीं दिया गया।
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मुझे दांत में तेज दर्द था। उपचार के लिए आई थी। लेकिन अस्पताल में उपचार नहीं दिया गया है। बताया गया है कि कोरोना के कारण अस्पताल अगले आदेशों तक बंद है।
रहीशा बेगम, गोला बाजार
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मुझे छाती में दर्द की परेशानी है। उपचार लेने आया था। लेकिन डॉक्टर नहीं बैठे। यहां बताया गया है कि ओपीडी सेवाएं अनिश्चित काल के लिए बंद कर दी गई हैं।
मोहम्मद अली, टिंडौली
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मेरे नाती को कान में दर्द है। उसके उपचार के लिए यहां लाई थी। लेकिन कान का डॉक्टर बैठा ही नहीं। यहां ताला लटक रहा है। पता चला है कि कोरोना महामारी के कारण अस्पताल बंद कर दिया गया है।
चुन्नी देवी, आगरा रोड
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मुझे अस्थमा की दिक्कत है। उपचार के लिए आया था। लेकिन अस्पताल में ताला लटक रहा है। बताया गया है कि अब अस्पताल कब खुलेगा इसकी कोई जानकारी नहीं है।
साहब सिंह, करहल रोड
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इमरजेंसी सेवा का 24 घंटे मिलेगा लाभ
सीएमएस डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि विभागीय आदेशों के अनुसार ओपीडी को अग्रिम आदेशों तक बंद किया गया है। उच्चाधिकारियों के आदेशानसार बुखार क्लीनिक और इमजरेंसी सेवा 24 घंटे संचालित है। गंभीर मरीज इमजरेंसी में पहुंचकर उपचार लें। बुखार से पीड़ित मरीजों को कक्ष संख्या 13 से उपचार दिलाया जाएगा। उच्चाधिकारियों के जो आदेश होंगे उसके अनुसार आगे सेवाएं दी जाएंगीं।