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एसएनः सात में से एक दवा ही मिल पाई

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आगरा। एसएन मेडिकल की ओपीडी में दिखाने आने वाले मरीजों को किसी भी बीमारी की पूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। पर्चे पर लिखी सात दवाओं में से एक-दो दवाएं ही मिल पा रही हैं। ज्यादातर दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। मरीजों का कहना है कि आर्थिक बोझ कम पड़े, इस उम्मीद में वह मेडिकल कॉलेज में दिखाने पहुंचते हैं, दवाएं न मिलने से निराशा होती है। दूरदराज से अस्पताल आने-जाने में ही काफी रुपये खर्च हो जाते हैं।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को दिखाने के लिए पहुंची नरीपुरा की शैली ने बताया कि उन्हें बाल झड़ने की समस्या है। डॉक्टर ने सात दवाएं लिखी हैं। मेडिकल कॉलेज से महज एक दवा मिली है। दवाएं महंगी हैं, बाहर से 1000 रुपये से अधिक कीमत में मिलती हैं। पनवारी निवासी रामवीर सिंह ने बताया कि उन्हें खांसी, जुकाम की समस्या है। डॉक्टर ने चार दवा लिखी थीं, एक मिली है। 100 रुपये बाइक के पेट्रोल के खर्च हो गए।
बोदला निवासी नेमवती ने बताया कि उन्हें सांस लेने में परेशानी है। ओपीडी में दिखाया। चार में से दो दवाएं मेडिकल कॉलेज से मिल पाईं। अछनेरा के केशव देव ने बताया कि उनका पैर सुन्न हो जाता है। ओपीडी में दिखाने के बाद डॉक्टर ने छह दवाएं लिखीं, एक दवा मेडिकल कॉलेज में मिली, बाकी बाहर से खरीदने के लिए कहा गया।
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जरूरी दवाओं की खरीद का ऑर्डर दे दिया गया है। उम्मीद है कि दवाओं की इसी हफ्ते आपूर्ति हो जाएगी।
-डॉ. शैलेंद्र चौधरी, दवा प्रभारी, एसएन
आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज में सोमवार को ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही। पर्चा बनवाने के लिए भी लंबी कतार लगी। ओपीडी में 2046 मरीजों को उपचार मिला। मेडिसिन विभाग में सर्वाधिक 372 मरीजों ने परामर्श प्राप्त किया। बुखार, खांसी, उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या अधिक रही। क्षय एवं वक्ष रोग विभाग में 255, हड्डी रोग विभाग में 253, त्वचा रोग विभाग में 206 ने परामर्श प्राप्त किया। धूल भरी आंधी का असर भी दिखा। नेत्र रोग विभाग में 123 मरीजों ने परामर्श प्राप्त किया। ईएनटी में 119 मरीजों को उपचार मिला।
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