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Agra News: सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के महज 408 आवेदकों को ही मिला लोन

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मैनपुरी। जिला उद्योग बंधु और जिला व्यापार बंधु की सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। डीएम अंजनी कुमार सिंह ने बैंकर्स की लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की।
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डीएम ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के तहत जनपद को 1700 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष 1693 पत्रावलियां विभिन्न बैंकों को भेजी गई हैं। इनमें से अब तक केवल 514 पत्रावलियों को स्वीकृत किया गया है और 408 पत्रावलियों पर ही ऋण वितरित किया गया है।

उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न बैंकों द्वारा 412 पत्रावलियों को निरस्त कर दिया गया है। इसमें ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त (152 पत्रावलियां), बैंक ऑफ इंडिया (92 पत्रावलियां), भारतीय स्टेट बैंक (75 पत्रावलियां) और केनरा बैंक (21 पत्रावलियां) प्रमुख हैं।
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समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि अभी भी विभिन्न बैंकों में 618 पत्रावलियां स्वीकृति के लिए लंबित हैं। इनमें सर्वाधिक भारतीय स्टेट बैंक (223 पत्रावलियां), बैंक ऑफ इंडिया (150 पत्रावलियां), ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त (62 पत्रावलियां), एचडीएफसी. (43 पत्रावलियां) और पंजाब नेशनल बैंक (37 पत्रावलियां) में लंबित हैं। उन्होंने बैंकर्स से निरस्त की गई पत्रावलियों का औचित्य सहित कारण स्पष्ट करने को कहा है।



अन्य योजनाओं का भी यही हाल

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की समीक्षा करते हुए बताया कि वार्षिक लक्ष्य 135 के सापेक्ष 143 पत्रावलियां बैंकों को भेजी गईं, जिनमें से 45 स्वीकृत हुईं और 34 पर ऋण वितरण हुआ। एक जनपद-एक उत्पाद योजना में भौतिक लक्ष्य 32 के सापेक्ष 63 पत्रावलियां बैंकों को भेजी गईं, जिनमें से 23 स्वीकृत हुईं और 12 पर ऋण वितरित किया गया। निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त 1038 शिकायतों में से 930 का निस्तारण किया जा चुका है। शेष लंबित शिकायतों को निर्धारित समय-सीमा में निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा व्यापारियों को जारी किए गए नोटिसों के संबंध में भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों से प्रत्यावेदन लेकर खाद्य सुरक्षा अधिकारी उन्हें उच्च स्तर पर भेजकर समस्या का निदान कराएं। उद्यमियों का किसी भी स्तर पर शोषण न हो। उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
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