मैनपुरी। कोरोना की रफ्तार थमने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग और आमजन बेफिक्र हो गए हैं। शायद इसीलिए जिले में 12 से 14 साल के बच्चों के टीकाकरण की रफ्तार सुस्त है। पिछले 11 दिनों में मात्र 1500 बच्चों का टीकाकरण हुआ है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अफसर टीकाकरण की कम रफ्तार के लिए परीक्षाओं को बड़ा कारण बता रहे हैं।
15 मार्च से 12 से 14 साल के छात्र-छात्राओं के टीकाकरण के लिए शासन ने निर्देश दिए हैं। जिले में टीकाकरण अभियान की शुरुआत तो जोरशोर से हुई, लेकिन दो-चार दिन में ही रफ्तार सुस्त हो गई। अब न तो स्कूलों में टीकाकरण के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं और न ही टीकाकरण के लिए बच्चों और अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है। सिर्फ जागरूक अभिभावक ही अपने बच्चों को लेकर टीकाकरण कराने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। देहात क्षेत्र पिछड़ा हुआ है। 1500 से में 1200 लोग शहरी क्षेत्र के हैं। मात्र तीन सौ बच्चे ग्रामीण क्षेत्र के हैं।
जागरूक लोग ही अस्पतालों में पहुंचकर लगवा रहे टीका
जो अभिभावक कोरोना के प्रति जागरूक हैं, वह अस्पतालों में पहुंचकर अपने बच्चों को टीका लगवा रहे हैं। अन्यथा की स्थिति में न तो स्कूलों में पहुंचकर कोरोना टीकाकरण को लेकर बच्चों को प्रेरित किया जा रहा है और न ही स्कूल संचालकों से ही स्वास्थ्य विभाग किसी प्रकार का संपर्क कर रहा है। 14 से 18 साल के बच्चों के टीकाकरण के लिए जो अभियान चलाया गया था। वह अब 12 से 14 साल के बच्चों के लिए कहीं नजर नहीं आ रहा है।
परीक्षाएं और पोलिया अभियान बन रहा बाधा
सीएमओ डॉ. पीपी सिंह का कहना है कि पहले होली को त्योहार और अब माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाएं, परिषदीय स्कूलों की परीक्षाओं के चलते स्कूलों और कॉलेजों में शिविर नहीं लग पा रहे हैं। पोलियो कार्यक्रम भी चल रहा है। इस सप्ताह स्वास्थ्य विभाग की अधिकतर टीमें पोलियो कार्यक्रम में व्यस्त हैं। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण कराया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशाओं के माध्यम से टीकाकरण को गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद और बेसिक शिक्षा परिषद की परीक्षाएं चल रही हैं। टीकाकरण के बाद शरीर सुस्त होता है और बुखार आने की भी संभावना रहती है। इसी कारण छात्र-छात्राएं और अभिभावक टीकाकरण में रुचि नहीं ले रहे हैं।
-रवींद्र सिंह गौर, प्रभारी जिला स्वास्थ्य एवं शिक्षाधिकारी
अभी तक न तो स्कूल में 12 से 14 साल के बच्चों के टीकाकरण की कोई सूचना दी गई है। और न ही गांव में किसी ने बताया है। यदि स्कूल में शिविर लगाया जाएगा तो टीकाकरण अवश्य कराऊंगा।
पीयूष कुमार
12 से 14 साल के बच्चों का टीकाकरण होगा, इसकी जानकारी तो मिली है। लेकिन अभी तक गांव में कोई शिविर नहीं लगाया गया है और न ही स्कूल से कोई जानकारी मिली है।
गुंजन कुमारी
टीका से किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। यदि टीम आएगी तो अवश्य लगवाएंगे। डर तो कोरोना का है। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी है। फिलहाल अभी तक स्कूल से कोई टीकाकरण की जानकारी नहीं मिली है।
दीक्षा कुमारी
नया सत्र शुरू होने जा रहा है। ऐसे में बच्चों के अंदर कोरोना को लेकर भय है। बच्चे टीकाकरण से नहीं डर रहे हैं। लेकिन उन्हें इसके लिए प्रेरित करने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
डॉ. पद्म सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य