एका क्षेत्र के गांव चिमरारी में निर्माणाधीन घर के बाहर सो रही शांति देवी (72) की शुक्रवार रात गला रेतकर हत्या कर दी गई। घटना की जानकारी परिजन को शनिवार सुबह पांच बजे हुई। इससे घर में कोहराम मच गया। सूचना पर एसपी देहात डॉ. अखिलेश नारायण सिंह, सीओ जसराना और थानाध्यक्ष एका मौके पर पहुंचे। मृतका के परिजन और आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एका थाना क्षेत्र के गांव चिमरारी निवासी शांति देवी के पति सुरेश चंद्र की मौत एक साल पूर्व बीमारी के कारण हो गई थी। शांति पर दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। दोनों पुत्रियों व बड़े पुत्र प्रवीन की शादी हो चुकी है, जबकि संदीप का विवाह नहीं हुआ है। शांति अपने बड़े पुत्र प्रवीन के पास रहती थी। प्रतिदिन की तरह शांतिदेवी घर के बाहर चारपाई पर सो रही थी, जबकि प्रवीन अपनी पत्नी भारती तथा दोनों पुत्रों के साथ घर के अंदर सो रहा था।
मृतका के देवर प्रेम बहादुर ने बताया कि संदीप अपनी बड़ी बहन पूनम के घर चार दिन पहले ही गया था। पूनम मैनपुरी के भोगांव में रहती है। सुबह करीब पांच बजे प्रवीन का बड़ा पुत्र उमंग अपनी दादी के पास लेटने के लिए आया। उसने दादी शांति को आवाज भी लगाई, लेकिन वृद्धा द्वारा उत्तर न देने पर उसने चेहरे से चादर हटाकर देखी तो खून से लथपथ दादी को देख बालक की चीख निकल गई। घर के अंदर सो रहे माता-पिता को उमंग ने घटना की जानकारी दी।
प्रेम बहादुर ने बताया कि शांति के नाम पुस्तैनी सात बीघा जमीन थी। वहीं सात बीघा जमीन पट्टे की थी। कुल 14 बीघा जमीन की वे मालकिन थीं। वहीं प्रवीन ने भी सात बीघा जमीन पट्टे पर ले रखी थी। संदीप के नाम कोई जमीन नहीं थी।
पुस्तैनी मकान के समीप ही प्रवीन खुद के मकान का निर्माण करा रहा है, जिसकी रखवाली के लिए वृद्ध महिला नवनिर्मित मकान के पास चारपाई पर सोती थी। चारपाई के पास ही कूलर भी लगा रखा था।