देवशयनी एकादशी पर बांकेबिहारी महाराज के दर्शन करने आए वृद्ध मंदिर के गेट नंबर तीन पर गिर पड़े। मंदिर के कर्मचारियों ने उनको लेकर पास के हास्पिटल में पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया। अभी मौत के कारण के बारे में कुछ कहा नहीं जा रहा है। पुलिस को जेब से उच्च रक्तचाप और दिल की बीमारी से संबंधित दवाइयां मिलीं। पुलिस ने परिवारीजनों को इत्तला दी है।
मृतक मूलचंद्र दुबे (75) औरैया के ओम नगर के निवासी थे। मंगलवार की सुबह वो अपने एक परिचित के साथ मथुरा पहुंचे थे। उनके साथी गोवर्धन चले गए जबकि मूलचंद्र बांकेबिहारी के दर्शन के लिए वृंदावन आ गए। दोपहर करीब 12 बजे बांकेबिहारी मंदिर के गेट नंबर 3 पर वो अचानक गिर पड़े।
मंदिर कर्मचारी विजय, कुमर सेन और नीरजा ने उन्हें संभाला। उनके मुंह पर पानी डाला। कोई हरकत न होने पर सुरक्षाकर्मी मूलचंद्र को बड़ी हवेली स्थित ब्रजसेवा समिति टीबी सेनेटोरियम के औषधालय ले गए। यहां डॉ बीरी सिंह ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस को उनकी जेब से ब्लडप्रेशर और दिल की बीमारी से संबंधित दवाएं मिलीं। मोबाइल में मिले नंबरों पर फोन कर उनकी बेटी माधुरी और बेटे मुकेश को जानकारी दी गई।
पुलिस के अनुसार मुकेश ने बताया कि दिसंबर में मां की मौत के बाद से पिताजी की तबियत ठीक नहीं चल रही थी। उनका एक भाई दहेज उत्पीड़न के मामले में इटावा जेल में है, इससे भी पिताजी परेशान थे। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने कहा कि एकादशी पर मंदिर में इतनी भीड़ नहीं थी। वृद्ध ब्लडप्रेशर के मरीज बताए गए हैं।