जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के प्रधान सहायक को रिश्वत लेते भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने पकड़ा। इस मामले में शिक्षक संगठनों ने एसटीएफ और एसआईटी से जांच कराने की मांग की है।
आगरा में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के प्रधान सहायक को भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा है। मृतक आश्रित कोटे में नौकरी, पेंशन और वेतन के नाम पर यह खेल लंबे समय से चलता आ रहा है। पुरानी फाइलों को खोला जाए तो भ्रष्टाचार की कई कहानी सामने आ सकती है।
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शासन का निर्देश है कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कोई भी शिक्षक या कर्मचारी अटैच नहीं किया जाएगा। इसके बाद भी कई कर्मचारी और शिक्षक बिना अटैच के कार्य करने में लगे हैं। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. देवी सिंह नरवार का कहना है कि जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय की एसटीएफ और एसआईटी से जांच कराई जाए। इससे भ्रष्टाचार के कई खुलासे होंगे। प्रधान सहायक का पकड़ा जाना विभाग में भ्रष्टाचार की पुष्टि करता है।
उन्होंने डीआईओएस पर भी आरोप लगाया है। इससे पहले भी फर्जी नियुक्तियों की कई शिकायत हुई है लेकिन विभागीय कर्मचारी मामलों को दबाते रहे हैं। एक शिक्षक बिना स्कूल जाए, हर माह एक अधिकारी की मेहरबानी से वेतन ले रहा है। वह बच्चों को पढ़ाने से अधिक कार्यालय संबंधी कार्य करता है। कई बार शिक्षक की शिकायत होने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।