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खामियां छिपाने के लिए एमडीएम रजिस्टर से फाड़ लिए पेज

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मैनपुरी। परिषदीय स्कूलों में संचालित मिड-डे मील (एमडीएम) की प्रथम चरण की जांच पूरी हो गई। इस दौरान कई बड़ी खामियां पाई गई हैं। कई प्रधानाध्यापकों ने एमडीएम रजिस्टर में छात्र संख्या में कटिंग की है तो कई ने सफेद रंग (व्हाइटनर) लगाकर संशोधन किया है। कुछ ने तो एमडीएम रजिस्टर से पेज ही फाड़ लिए। इससे साबित हो रहा है कि प्रधानाध्यापक एमडीएम में फर्जीवाड़ा कर चुके हैं। जांच समिति देर शाम तक रिपोर्ट बनाने में जुटी रही।
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डीएम के निर्देश पर बीएसए की ओर से दो दिन के अंदर 167 स्कूलों की जांच कराई गई। इसमें 80 प्रतिशत से अधिक एमडीएम वितरण करने वाले 100 स्कूलों और 30 प्रतिशत से कम एमडीएम वितरण करने वाले 67 विद्यालय शामिल थे। दूसरे दिन की जांच के दौरान भी कई बड़ी खामियां देखने को मिलीं। कई प्रधानाध्यापकों ने एमडीएम रजिस्टर में सफेद रंग लगा रखा था, जबकि कई ने कटिंग की थी। कुछ सहायता प्राप्त कॉलेजों के तो रजिस्टर के पेज ही फटे पाए गए। इससे साबित होता है, कहीं न कहीं कोई गड़बड़ी होने के कारण ही प्रधानाध्यापकों ने पेज फाड़े होंगे। जांच टीम ने दूसरे दिन जागीर के 11, मैनपुरी के 17, किशनी के 18, बरनाहल के 16 तथा करहल के 20 विद्यालयों के एमडीएम रजिस्टर चेक किए।
व्हाइटर लगाने वालों को जारी होगा नोटिस
मैनपुरी। एमडीएम जांच के दौरान पाया गया कि कई प्रधानाध्यापक व इंचार्ज प्रधानाध्यापकों ने गड़बड़ी कर व्हाइटनर लगाया है। ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार की जा रही है। इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।
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प्राधिकरण और मूल रजिस्टर की उपस्थिति में बड़ा अंतर
मैनपुरी। दो दिवसीय जांच के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है। कि एमडीएम प्राधिकरण द्वारा जो फीडिंग की जा रही है। उसमें लापरवाही बरती जा रही है। जांच के दौरान कई स्कूलों की उपस्थिति में बड़ा अंतर पाया गया है।
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