फिरोजाबाद पुलिस के साथ टिप्पणी करने वाले प्रोफेसर
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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोपी एसआरके महाविद्यालय के प्रोफेसर शहरयार अली की जमानत अर्जी को अपर जिला जज एफटीसी अनुराग शर्मा ने स्वीकार कर लिया। एक-एक लाख के दो जमानती लगाने होंगे। जमानत देने से पूर्व काफी बहस हुई।
एसआरके महाविद्यालय को एसोसिएट प्रोफेसर शहरयार अली ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप था। इस मामले में नामित पार्षद उदय प्रताप की तहरीर पर मुकदमा थाना रामगढ़ में दर्ज हुआ था। गिरफ्तारी से बचने को प्रोफेसर ने हाईकोर्ट से सुप्रीमकोर्ट तक दौड़ लगाई थी लेकिन राहत नहीं मिलते देख 22 जुलाई को सीजेएम के यहां आत्मसमर्पण किया था। सीजेएम कोर्ट से जमानत नहीं मिलने पर जिला जज के यहां अपील की थी। मामला सुनवाई को अपर जिला जज एफटीसी अनुराग शर्मा की अदालत में स्थानांतरित हुआ था। 'जमानत देने के बजाय सुनवाई को 26 जुलाई की तिथि नियत की थी। इसके कारण प्रोफेसर को जेल जाना पड़ा था। सोमवार को अपर जिला जज एफटीसी अनुराग शर्मा के न्यायालय में जमानत अर्जी पर चली सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता अवधेश शर्मा, नानकचंद्र भट्ट, विजय कुमार शर्मा, प्रभात अग्रवाल ने कभी तर्क रखे। प्रोफेसर की ओर से अब्दुल सलाम एडवोकेट एवं अब्दुल नगीन खान ने पक्ष रखा। आखिर प्रोफेसर शहरयार अली की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। अब्दुल सलाम एडवोकेट ने बताया कि प्रोफेसर शहरयार अली को जमानत मिल गई है। शीघ्र ही वह जेल से बाहर आ जाएंगे।
पहले भी चर्चाओं में रहे हैं प्रोफेसर
एसआरके कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर पहले भी कई बार चर्चाओं में आए हैं। वर्ष 2012 में छात्रों ने आरोप लगाया था कि रविवार के दिन में कॉलेज में शोध कर रही छात्रा को उन्होंने बुलाया था। लेकिन कुछ लोगों को इसकी जैसे ही भनक लगी, वह कॉलेज जा पहुंचे। प्रोफेसर का यह मामला कॉलेज के साथ पूरे शहर में चर्चा में रहा था। कॉलेज मैनेजमेंट कमेटी ने इस मामले को लेकर जांच कमेटी भी गठित की। इसी तरह मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखने का भी आरोप प्रोफेसर पर लगाया जा चुका है। हालांकि इन मामलों में प्रोफेसर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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