फास्टफूड-तले भोजन से पित्त की थैली की पथरी
दिल्ली के डॉ. अजय ठकराल ने बताया कि पित्त की थैली में पथरी के मरीजों की संख्या बीते एक दशक में दोगुनी हो गई है। सर्जरी में 60 फीसदी इसके ही मरीज आ रहे हैं। इसकी बड़ी वजह तला भोजन और फास्टफूड है। इससे गाढ़ा तरल पदार्थ पित्त की थैली में पहुंचकर पथरी को जन्म देता है। इसमें महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पानी कम पीने से भी यह स्थिति बढ़ रही है।
डायग्नोस्टिक लेप्रोस्कोपी से चिह्नित होंगी बीमारी
दिल्ली के डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि कई बार सीटी स्कैन, एमआरआई तक से भी पेट की बीमारियां चिह्नित नहीं हो पाती हैं। मरीज लंबे समय तक उपचार कराते हुए परेशान हो जाते हैं। ऐसे में डायग्नोस्टिक लेप्रोस्कोपी से ऐसी बीमारियों को आसानी से चिह्नित कर सकते हैं। इसमें 5 एमएम के छिद्र से दूरबीन से पेट के अंदर ऐसे संक्रमित हिस्से को चिह्नित कर लेते हैं। इससे मरीज का इलाज या जरूरत पर सर्जरी कर सकते हैं। इससे मरीजों को बीमारी से मुक्ति मिल जाती है।
डॉक्टरों ने लोगों को ये दी सलाह
- नियमित 10 हजार कदम तेज गति से चलें।
- रोजाना 3 लीटर पानी जरूर पीएं।
- फास्ट फूड, बाजार के भोजन से पेट न भरें।
- धूम्रपान-एल्कोहल से बचें, शरीर फिट रखें।
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