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UP: बाढ़ के बाद भी बढ़ा चंबल सेंक्चुअरी में घड़ियाल और मगरमच्छ का कुनबा, डॉल्फिन की संख्या हुई कम

Sun, 28 Dec 2025 02:05 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

चंबल में सर्वे के दौरान कोई भी जलीय जीव अस्वस्थ नहीं मिला है। घड़ियालों की संख्या 903 से बढ़ कर 961 हो गई है। मगरमच्छ 389 से बढ़ कर 404 हो गए हैं।
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चंबल सेंक्चुअरी में मगरमच्छ और घड़ियाल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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चंबल सेंक्चुअरी की बाह रेंज में 24 दिसंबर को राजस्थान से सटे रेहा से लेकर इटावा से लगे उदयपुर खुर्द तक वन विभाग की 9 टीमें घड़ियाल, मगरमच्छ और डॉल्फिन के सर्वे के लिए उतरी थी। सर्वे के नतीजे उत्साह वर्धक रहे हैं। नदी में घड़ियाल और मगरमच्छ बढ़ गए हैं। हालांकि डॉल्फिन की संख्या कम हो गई है।
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चंबल नदी में अगस्त और सितंबर माह में दो बार बाढ़ आई थी। बाढ़ के दौरान घड़ियाल और मगरमच्छ के बहकर डाउन स्ट्रीम में पचनदा तक पहुंचने का अंदेशा रहता है। अच्छी बात ये है कि बाढ़ के प्रभाव के बाद भी बाह रेंज में 58 घड़ियाल बढ़ गए हैं। मगरमच्छ की संख्या में भी 15 की वृद्धि हुई है। बाह के रेंजर कुलदीप सहाय पंकज ने बताया कि 24 दिसंबर को वन विभाग की 9 टीमें रेहा से महेवा मंदिर, महेवा मंदिर से पिनाहट, पिनाहट से क्योरी, क्योरी से जेबरा, जेबरा से कैंजरा, कैंजरा से गुढ़ा, गुढ़ा से नंदगवां, नंदगवां से हथकांत, हथकांत से उदयपुर खुर्द तक मोटर बोट और पैदल गश्त कर सर्वे के लिए उतरी थीं। 

सर्वे के दौरान कोई भी जलीय जीव अस्वस्थ नहीं मिला है। घड़ियालों की संख्या 903 से बढ़ कर 961 हो गई है। मगरमच्छ 389 से बढ़ कर 404 हो गए हैं। हालांकि डॉल्फिन की संख्या 22 से घट कर 19 रह गई है। घड़ियाल और मगरमच्छ की संख्या में वृद्धि से वन विभाग का अमला उत्साहित है। रेंजर ने बताया कि डॉल्फिन कम मिलने के पीछे के कारणों की समीक्षा की जा रही है।
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सर्वे रिपोर्ट एक नजर में
वर्ष     घड़ियाल    मगरमच्छ  डॉल्फिन
2021    693     269     16
2022   785     268     19
2023   794    281       29
2024   903    389      22
2025   961    404       19


 
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