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मथुरा जिला कारागार में बंद डॉ. कफील की नहीं हो पाई रिहाई, अलीगढ़ पुलिस ने लगाया रासुका

Sat, 15 Feb 2020 12:43 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा

सार

डॉ. कफील ने एएमयू में नागरिकता संशोधन कानून पर भड़काऊ भाषण दिया था। 
यूपी एसटीएफ ने डॉ. कफील को मुंबई के एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। 
31 जनवरी को डॉ. कफील को अलीगढ़ से मथुरा जिला कारागार शिफ्ट किया गया
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डॉ कफील खान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मथुरा जिला कारागार में बंद गोरखपुर के डॉ. कफील खान की रिहाई अटक गई है। शुक्रवार को डॉ. कफील की रिहाई से पहले अलीगढ़ पुलिस ने उनके खिलाफ रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) का आदेश तामील करा दिया।
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12 दिसंबर को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में गोरखपुर निवासी डॉ. कफील ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिया था। इसका वीडियो वायरल होने पर डॉ. कफील पर अलीगढ़ प्रशासन ने कार्रवाई की। 

भड़काऊ भाषण के बाद एसटीएफ ने डॉ. कफील को मुंबई के एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। अलीगढ़ लाए जाने के बाद एएमयू में तनाव को देखते हुए 31 जनवरी को डॉ. कफील को मथुरा जिला कारागार शिफ्ट कर दिया गया।
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देर होने के कारण नहीं हुई थी रिहाई

बृहस्पतिवार की रात आठ बजे बाद रिहाई परवाना मथुरा जेल पर पहुंचा। देर होने के कारण रात में डॉ. कफील की रिहाई नहीं हो सकी। शुक्रवार सुबह जेल प्रशासन कफील की रिहाई की तैयारी कर रहा था, तभी अलीगढ़ पुलिस के दरोगा योगेश गौतम एनएसए का आदेश लेकर जिला जेल पहुंच गए। 

यहां जेल में एनएसए तामील कराया गया। इससे कफील की रिहाई अटक गई। उनके परिजन मायूस होकर लौट गए। वहीं वरिष्ठ जेल अधीक्षक शैलेंद्र कुमार मैत्रेय ने बताया कि एनएसए का आदेश तामील होने के कारण डॉ. कफील की रिहाई नहीं हो सकी।
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