यदि आपके घर में बुजुर्ग नहीं हैं और आप अपने बच्चों को दादा-दादी, नाना-नानी का प्यार देना चाहते हैं तो वृद्धाश्रम से बुजुर्गों को घर ले जा सकते हैं। इसके लिए वृद्धाश्रम की ओर से रखी गई शर्तों का आपको पालन करना होगा। शुक्रवार को रामलाल वृद्धाश्रम एवं गोशाला समिति के सदस्यों ने इसके पोस्टर का विमोचन किया।
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संदेश कुमार जैन ने बताया कि आश्रम में करीब 380 बुजुर्ग हैं, जो लोग बुजुर्गाें की सेवा करना चाहते हैं, वह एक निर्धारित धनराशि आश्रम में जमा करके बुजुर्गों को एक निश्चित समय के लिए ले जा सकते हैं। साथ ही आप बच्चों के साथ आकर आश्रम में रुक भी सकते हैं।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आश्रम में घुड़सवारी, नौकाविहार, जंगल सफारी, गो थेरेपी के साथ पार्क और मंदिर को विकसित किया जा रहा है। ताकि यहां अधिक से अधिक लोग बच्चों के साथ आकर बुजुर्गाें के साथ रह सकें। इससे आश्रम में रहने वाले बुजुर्गाें का भी मन लगा रहे।