फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब बड़े नेताओं पर शिकंजा कसने की तैयारी

Thu, 03 Mar 2016 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
विज्ञापन
विज्ञापन
विहिप नेता अरुण माहौर की शोकसभा में भड़काऊ भाषण दिए जाने के मामले में पुलिस ने अब बड़े नेताओं को आरोपी बनाने की तैयारी कर ली हैै। इसके लिए लगातार पड़ रहे दबाव के चलते पुलिस कार्रवाई के लिए मजबूर हुई है लेकिन बवाल के डर से अभी तक कोई फैसला नहीं ले पाई है। इस केस की जांच के लिए सीओ लोहामंडी के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने बुधवार को भाषणों की सीडी कई बार देखी। फतेहपुर सीकरी से सांसद चौधरी बाबूलाल और फायर ब्रांड छवि वाली साध्वी प्राची के भाषण सबसे ज्यादा बार सुने गए हैं। इन पर एक दो दिन में ही कोई फैसला लिया जा सकता है।
विज्ञापन

पुलिस सूत्रों का कहना है कि शासन से लगातार इस बारे में जानकारी की जा रही है। इसके चलते अफसर कदम फूंक फूंककर रख रहे हैं। मंगलवार को संसद में हंगामा हो जाने के बाद पुलिस ने पार्षद कुंदनिका शर्मा, विहिप के जिला मंत्री अशोक लवानिया और एबीवीपी के प्रांत प्रमुख शशांक  चौधरी के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया। एफआईआर में यह भी लिखा है कि 28 फरवरी को केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया, सांसद चौधरी बाबूलाल, विहिप नेता डा. सुरेंद्र जैन, विधायक जगन गर्ग, साध्वी प्राची मंच पर मौजूद रहे।
अब यह देखा जा रहा है कि इनमें से किस किसका भाषण भड़काऊ की श्रेणी में आता है? पुलिस सूत्रों ने बताया कि सबसे ज्यादा फोकस चौधरी बाबूलाल और साध्वी प्राची के भाषणों पर किया गया है। हालांकि अभी तक कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। सीओ लोहामंडी का कहना है कि जांच के दौरान जो भी नाम सामने आएंगे, उन्हें आरोपी बनाया जाएगा।
विज्ञापन

तीनों आरोपियों के घर दबिश
भाजपा पार्षद दल की नेता कुंदनिका शर्मा, विहिप के जिला मंत्री अशोक  लवानिया और एबीवीपी के प्रांत प्रमुख शशांक के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने मंगलवार रात लवानिया और शशांक के घर दबिश दी थी। बुधवार रात इन दोनों के अलावा कुंदनिका के घर भी पुुलिस टीम पहुंची। एक सूचना पर सीओ लोहामंडी ने रात दस बजे डौकी क्षेत्र में भी दबिश दी।
नहीं मिल पाए गैर जमानती वारंट
लोहामंडी थाना पुलिस कुंदनिका शर्मा, अशोक लवानिया और शशांक के गैर जमानती वारंट हासिल करने के लिए बुधवार सुबह ही कोर्ट पहुंच गई। पुलिस ने बताया कि जज के छुट्टी पर होने के चलते अभी वारंट नहीं मिल पाए हैं। पुलिस का कहना है कि वारंट मिलते ही आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास और तेज कर दिया जाएगा।
मीडिया से मांगे वीडियो फुटेज
सीओ लोहामंडी राजेंद्र यादव ने बताया कि जिन न्यूज चैनलों ने नेताओं के भड़काऊ भाषण दिखाए हैं, उन सभी से शोकसभा की वीडियो फुटेज मांगी गई है। इसे साक्ष्य के रूप में रखा जाएगा। वैसे पुलिस ने खुद भी वीडियो रिकार्डिंग कराई थी। इसी के आधार पर केस दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें