कासगंज। अब परिषदीय स्कूलों के गुरुजी ‘टाइम एंड मोशन स्टडी’ के नियमों में बंध गए हैं। इसके तहत गुरुजी को स्कूल खुलने से 15 मिनट पहले आना और बंद होने के 30 मिनट बाद घर जाना होगा। स्कूलों के लिए 240 शिक्षण दिवस एक सत्र के लिए निर्धारित कर दिए गए है।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षण कार्य को प्रभावी बनाने के लिए शासन ने सख्त कदम उठाया है। इसके तहत स्कूलों आने जाने में अब शिक्षकों की मनमानी नहीं चल सकेगी। उनके स्कूल आने और जाने का समय निर्धारित कर दिया गया है। शिक्षकों के लिए स्कूल में आने जाने का जो अतिरिक्त समय निर्धारित किया गया है उसमें उनको पंजिका और अन्य अभिलेखों को भरना होगा। इसके साथ ही अगले दिन की कक्ष शिक्षण की रूप रेखा भी तैयार करनी होगी। इस व्यवस्था के बाद अब गुरु जी स्कूलों से अनुपस्थित भी नहीं रह सकेंगे। यदि कोई शिक्षक ऐसा करता है तो उसका वेतन कटना तय है।
नहीं होंगे ये कार्य
पाठय पुस्तक वितरण, डीबीटी सहित वितरण के अन्य कार्य नहीं हो सकेंगे
शिक्षक संकुल बैठक का नहीं होगा आयोजन
पीटीएम का आयोजन, होम विजिट, हाउस होल्ड सर्वे नहीं कर सकेंगे
रैली, मानव श्रंखला, प्रभातफेरी,नवाचार गोष्ठी नहीं होगी
संचारी रोग, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण जैसे जनजागरण कार्यक्रम नहीं होंगे
विद्यालय संबंधी बैंकिंग कार्य, ग्राम प्रधान से वार्ता, एमडीएम संबंधी आवश्यकता के नहीं करेंगे
इन कार्यों को किया गया प्रतिबंधित
जिला प्रशासन, बीएसए, खंड शिक्षा अधिकारी स्तर से नहीं होगी कोई परीक्षा
अधिष्ठापन संबंधी कार्य के लिए शिक्षकों के बीएसए और खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय पर व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने पर लगी रोक
शिक्षकों के बीएसए और खंडशिक्षा अधिकारी कार्यालय से संबद्घता पर लगी रोक
शासन से विद्यालयों में ‘टाइम एंड मोशन स्टडी’ की जो व्यवस्था लागू की है उसके आधार पर शिक्षण कार्य कराने के संबंध में खंड शिक्षा अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं-राजीव यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी