संगठित विकास योजना के तहत 30 साल पहले बने ट्रांसपोर्ट नगर में अधूरे निर्माण पर 30 साल बाद भी नोटिस जारी नहीं हुए हैं। जिम्मेदारों की उदासीनता से ट्रांसपोर्ट नगर लगातार बदहाल होता जा रहा है। ट्रांसपोर्ट नगर को आबाद कराने के लिए नगर पालिका सहित संबंधित अधिकारियों ने कोई पहल नहीं की है। ट्रांसपोर्ट नगर में काम करने वाले दुकानदार धीरे धीरे ट्रांसपोर्ट नगर से शहर में पहुंचने लगे हैं।
शहर को भारी वाहनों के दबाव से मुक्त कराने के लिए वर्ष 1991 में ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की शुरू हुई योजना वर्ष 1993 में कारगर हुई थी। तत्कालीन डीएम रोहित नंदन तथा चेयरमैन शशि गुप्ता के प्रयासों से ट्रांसपोर्ट नगर को चालू कराया गया था। तत्कालीन डीएम की पहल पर ट्रांसपोर्ट नगर में कई ट्रांसपोर्टर पहुंच भी गए। बाद में आए डीएम सुनील कुमार ने ट्रांसपोर्ट नगर को आबाद कराने के लिए पहल की। इसका असर भी हुआ। ट्रांसपोर्ट नगर में सुरक्षा के लिए अस्थायी पुलिस चौकी तक बनाई गई। इस चौकी के प्रभारी ही नवीन मंडी की सुरक्षा व्यवस्था भी देखते थे। ट्रांसपोर्ट नगर से बाद में यह चौकी नवीन मंडी में पहुंचा दी गई।
ट्रांसपोर्ट नगर में आवंटित कई भूखंडों पर आज भी निर्माण पूरे नहीं हुए हैं। इन भूखंडों पर केवल दीवारें बनाकर छोड़ दी गई हैं। इनका 30 साल में पटान तक नहीं हुआ है। आधे से अधिक दुकानों में ताले बंद रहते हैं। नगर पालिका ने आज तक किसी को भी नोटिस तक जारी नहीं किए हैं। ट्रांसपोर्ट नगर में सुविधाओं के लिए नगर पालिका ने कोई प्रयास भी नहीं किया है। नगर पालिका सहित जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण ट्रांसपोर्ट नगर लगातार बदहाल होता जा रहा है। मूलभूत सुविधाओं तक का ट्रांसपोर्ट नगर में अभाव है।
पेट्रोल पंप की भी नहीं हुई पहल
ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रांसपोर्टर की सुविधा के लिए लगवाया गया पेट्रोल पंप बंद हो चुका है। इसके बाद नगर पालिका सहित संबंधित अधिकारियों ने पेट्रोल पंप वाले भूखंड पर नया पेट्रोल पंप लगवाने की पहल तक नहीं की है। पेट्रोल पंप वाला भूखंड कीमती होने के कारण उस पर भू माफियाओं की नजर लगी हुई है। दुकानदारों का कहना है कि अगर अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया तो पेट्रोल पंप वाले भूखंड पर भू माफिया कब्जा करके रातों रात निर्माण करा सकते हैं।
नगर पालिका में ट्रांसपोर्ट नगर वाली फाइल मांगी गई है। संबंधित लिपिक से जानकारी ली जाएगी। जांच कराई जाएगी। जांच के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - बुद्धिप्रकाश, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका