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मथुराः जमीन के पारिवारिक विवाद में द्वारिकाधीश मंदिर पर नोटिस चस्पा

Wed, 07 Oct 2020 12:11 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा

सार

वर्तमान में श्री द्वारिकाधीश मंदिर प्रबंधन की कमान काकरोली के बृजेश महाराज और उनके पुत्र वागीश महाराज के हाथों में है। बृजेश
महाराज के दो और भाई हैं पराग महाराज व शिशिर महाराज। काकरोली, मथुरा, गुजरात सहित देश के कई शहरों में इनकी संपत्ति हैं। अधिकांश संपत्तियां ऐसी हैं जिन्हें बेचा नहीं जा सकता।
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द्वारिकाधीश मंदिर पर नोटिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जमीन के पारिवारिक विवाद को लेकर द्वारिकाधीश मंदिर के मुख्य द्वार पर उत्तर प्रदेश राजस्व सरकार संहिता के अंतर्गत धारा 35 (1) का नोटिस तहसीलदार मथुरा द्वारा चस्पा कराया गया है। नोटिस को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगने पर उसे फाड़ दिया गया। मंदिर प्रबंधन ने इसे सिरे से नकार दिया है।
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वर्तमान में श्री द्वारिकाधीश मंदिर प्रबंधन की कमान काकरोली के बृजेश महाराज और उनके पुत्र वागीश महाराज के हाथों में है। बृजेश महाराज के दो और भाई हैं पराग महाराज व शिशिर महाराज। काकरोली, मथुरा, गुजरात सहित देश के कई शहरों में इनकी संपत्ति हैं।

अधिकांश संपत्तियां ऐसी हैं जिन्हें बेचा नहीं जा सकता। पराग महाराज और शिशिर महाराज ने बृजेश महाराज आदि पर काकरोली, बड़ोदरा में संपत्ति को लेकर कई मुकदमे दायर कर रखे हैं। मथुरा में भी तहसीलदार के यहां वाद संख्या 664/2 सितंबर में दायर किया गया है। 
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इस मामले में आपत्ति के लिए 2 अक्टूबर से पूर्व जवाब दाखिल करना था लेकिन वर्तमान मंदिर प्रबंधन ने कोई जवाब दाखिल नहीं किया। जिसके चलते मंगलवार को मंदिर के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा कर दिया गया। बताया जाता है कि वर्ष 2012 में बड़ोदरा की एक अदालत में दर्ज एक केस में सभी संपत्तियों की सूची दाखिल की गई थी और तीनों भाई क्रमश: बृजेश, पराग व शिशिर में समझौता भी हुआ था।


इसके बाद बृजेश महाराज ने वृंदावन में पागल बाबा मंदिर के सामने करीब 13 एकड़ बड़ोखर बिहारी की जमीन का पट्टा कर दिया, उस पर आज फ्लैट बन गए हैं। बचाव के लिए पट्टा में शर्त डाल दी गई कि पट्टाधारक प्रत्येक महीने मंदिर को एक निश्चित रकम देगा। बहरहाल अब विवाद तहसीलदार मथुरा की न्यायालय में चलेगा। 

निर्विवाद रूप से गोस्वामी बृजेश कुमार महाराज मंदिर के मालिक हैं और सभी व्यवस्थाओं का संचालन महाराज व उनके युवराज डॉ. बागीश कुमार महाराज द्वारा किया जाता है। किसी तहसीलकर्मी द्वारा कोई नोटिस चस्पा किया गया था, जबकि मंदिर खुला हुआ था, उसे मंदिर के कार्यालय में रिसीव करवाना चाहिए। - राकेश तिवारी, विधि एवं मीडिया प्रभारी, द्वारिकाधीश मंदिर।
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