मैनपुरी। विकास खंड बरनाहल में तैनात दो तकनीकी सहायक (टीए) और आठ रोजगार सेवकों को मनरेगा कार्य में लापरवाही के लिए नोटिस जारी किया गया है। साथ ही मंगलवार को आयोजित मनरेगा की समीक्षा बैठक से अनुपस्थित रहने पर उनका मानदेय भी रोक दिया गया है। सभी से तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
जिले के नौ ब्लॉकों में से बरनाहल की प्रगति सबसे खराब है। यहां अब तक लक्ष्य के सापेक्ष केवल दो प्रतिशत ही काम हुआ है। इसकी समीक्षा के लिए मंगलवार को सीडीओ ईशा प्रिया के आदेश पर अधिकारियों ने ब्लॉक कार्यालय में समीक्षा की थी। इसमें सभी पंचायत सचिव, टीए और रोजगार सेवकों को बुलाया गया था। लेकिन दो टीए और आठ रोजगार सेवक बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहे।
इनकी ग्राम पंचायतों में मनरेगा की प्रगति भी शून्य थी। इसे लापरवाही मानते हुए उपायुक्त मनरेगा पीसी राम ने सभी दस कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। उन्हें तीन दिन में जवाब देना होगा। मनरेगा की प्रगति में सुधार न होने तक उनके मानदेय पर भी रोक लगा दी गई है। बुधवार को उपायुक्त की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है।
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ये कर्मचारी थे अनुपस्थित
- शिवराज सिंह, तकनीकी सहायक।
- रणवीर सिंह, तकनीकी सहायक।
- विजय पाल, रोजगार सेवक कुम्हेरी।
- सुरुचि, रोजगार सेवक मोहम्मदपुर लभउआ।
- परन वीर, रोजगार सेवक डालूपुर।
- शशी, रोजगार सेवक अड़ूपुर।
- पुष्पा, रोजगार सेवक सोथरा।
- प्रेमलता, रोजगार सेवक गढिय़ा जैनपुर।
- राजेश कुमार, रोजगार सेवक मीठेपुर।
- सुमित, रोजगार सेवक प्रहलादपुर।
मनरेगा की शून्य प्रगति और समीक्षा बैठक से अनुपस्थित रहने पर दो टीए और आठ रोजगार सेवकों का मानदेय रोका है। साथ ही उन्हें नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब भी मांगा गया है।
पीसी राम, उपायुक्त मनरेगा।