एनएचएआई ने छह लेन के आगरा बाईपास को उत्तरी बाईपास रूप में यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने की योजना को मंजूरी दी है। 12.67 किलोमीटर के मार्ग को यमुना एक्सप्रेसवे पर कुबेरपुर से जोड़ा जाना है।
आगरा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से उत्तरी बाईपास के लिए 872 करोड़ रुपये की लागत से इसे यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने का काम अगले माह शुरू हो सकता है। विभाग ने परियोजना के लिए कॉन्ट्रैक्टर तय कर दिए गए हैं। इससे मथुरा की ओर से आने वाले वाहन सीधे यमुना एक्सप्रेसवे होकर निकल सकेंगे।
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जिले में उत्तरी बाईपास का प्रस्ताव आठ साल से लंबित है। एक बार डीपीआर भी बनकर तैयार हो गई थी, लेकिन इसमें मथुरा के कई गांवों की भूमि अधिग्रहीत की जानी थी। इस डीपीआर को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया, लेकिन इस बार एनएचएआई ने छह लेन के आगरा बाईपास को उत्तरी बाईपास रूप में यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने की योजना को मंजूरी दी है।
इसमें 12.67 किलोमीटर के मार्ग को यमुना एक्सप्रेसवे पर कुबेरपुर से जोड़ा जाना है, ताकि मथुरा, दिल्ली की ओर से आने वाले वाहन यमुना एक्सप्रेसवे और लखनऊ एक्सप्रेसवे होकर निकल जाएंगे। एत्मादपुर के विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह का कहना है कि उत्तरी बाईपास की यह योजना अधूरी है। उत्तरी बाईपास को फरह की ओर से एत्मादपुर तक जोड़ा जाना था, तभी बाईपास का मकसद पूरा हो सकेगा।