जिला अस्पताल का निरीक्षण करते नोडल अधिकारी ईश्वर चंद्र
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। कोविड-19 को लेकर मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के सचिव ईश्वरचंद्र को जनपद का नोडल अधिकारी बनाया गया है। रविवार को उन्होंने शहर के जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। यहां उन्हें इमरजेंसी के बाहर हेल्पडेस्क पर कोई कर्मचारी नहीं मिला। रजिस्टर पर आने-जाने वालों का विवरण भी दर्ज नहीं हो रहा था, इस पर उन्होंने नाराजगी जताई।
नोडल अधिकारी ईश्वरचंद्र रविवार की दोपहर अचानक जिला अस्पताल पहुंच गए। सबसे पहले वह इमरजेंसी पहुंचे। इमरजेंसी के बाहर स्थापित हेल्पडेस्क पर उन्हें कोई भी कर्मचारी नहीं मिला। यहां दर्ज रजिस्टर पर भी आने-जाने वालों के नाम दर्ज नहीं किए जा रहे थे। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि कि बिना जांच के कोई भी अंदर नहीं आना चाहिए। आने-जाने वालों का विवरण रजिस्टर में दर्ज होना चाहिए।
नोडल अधिकारी ने प्रभारी सीएमएस को निर्देश जारी किए। इसके बाद वे कोविड लेवल टू में पहुंचे। यहां 13 मरीज भर्ती मिले। उन्होंने यहां खाने-पीने की व्यवस्था का जायजा लिया। अस्पताल में भ्रमण के दौरान उन्हें एक जगह पर गंदगी मिली, उसे अपने सामने ही हटवाया। ईओ को निर्देश दिए कि कहीं भी गंदगी नहीं दिखनी चाहिए।
मोहल्लों में देखी सफाई व्यवस्था
नोडल अधिकारी ने शहर के मोहल्ला मिश्राना, चौथियाना और यादव नगर में सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने ईओ नगर पालिका को नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में कहीं भी कूड़ा इकट्ठा नहीं होना चाहिए। नियमित सफाई से ही लोगों को संचारी रोगों से बचाया जा सकता है।