आगरा में यमुना नदी पर प्रस्तावित बैराज का रास्ता साफ हो गया है। सांसद प्रो. एसपी बघेल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से मिला। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कराने का आश्वासन दिया है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने यमुना नदी पर प्रस्तावित बैराज के लिए नमामि गंगे प्राधिकरण से जल्द अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कराने का आश्वासन दिया है। इससे यमुना नदी पर बैराज का रास्ता साफ हो गया है।
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केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से उनके दिल्ली स्थित कार्यालय में प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुलाकात की। नेतृत्व केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने किया। 317 करोड़ की लागत से बनने वाले यमुना बैराज की स्वीकृति पहले हो चुकी है। कई महीनों से नमामि गंगे प्राधिकरण (राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन भारत सरकार नई दिल्ली) से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना बाकी था।
उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि रबर डैम के निर्माण से पूर्व सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग और नगर निगम ये सुनिश्चित करें कि यमुना नदी में गिरने वाले घरेलू सीवेज औद्योगिक सीवेज को शत प्रतिशत शोधित करने के लिए आवश्यक एवं प्रभावी उपाय किए जाएं।
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उत्तर प्रदेश जल निगम, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी शीघ्र ही इन पैरामीटर्स पर काम करना होगा। उन्होंने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के निदेशक को भी बुलाकर कार्रवाई को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कुछ माह पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ कैबिनेट मंत्री पत्तन पोत परिवहन और जलमार्ग सर्वानंद सोनोवाल से यमुना में क्रूज चलाने के विषय में मुलाकात की थी। मंत्रालय ने अपना सर्वेक्षण पूर्ण कर मंत्रालय को सकारात्मक रिपोर्ट भेज दी है। प्रतिनिधिमंडल में रोटरी क्लब से दिगंबर सिंह धाकरे, नेशनल चैंबर से संजय गोयल, अतुल गुप्ता, संजय अग्रवाल, समाजसेवी महेश सिंघल शामिल रहे।