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आगरा से रूठ गया मानसून, 90 फीसदी बारिश कम

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आगरा। ताजनगरी से मानसून के बादल रूठ गए हैं। आगरा में मानसून 26 जून को प्रवेश करता है, लेकिन इस बार 10 जुलाई तक मानसून की झमाझम बारिश के लिए शहर तरस रहा है। जुलाई के पहले दस दिनों में 90 फीसदी बारिश कम हुई है। प्रदेश के सबसे सूखे चार जिलों में से एक आगरा भी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरों में बारिश कम होने के कारण सूखे जैसे हालात हैं। मानसूनी बारिश 15 दिन लेट हो जाने से भीषण गर्मी के कारण लोग बेहाल हैं।
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राजस्थान से सटी सीमा पर गर्म हवाओं के कारण मानसून ताजनगरी से दूर है। मानसून की ट्रफ लाइन आगरा से पहले ही आगे बिन बरसे ही बढ़ गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरों में बारिश ने राहत दी है, लेकिन आगरा, गाजियाबाद, नोएडा, ललितपुर जैसे चार जिले सबसे ज्यादा सूखे हैं।
एक जुलाई से अब तक सूखा
एक जुलाई से 10 जुलाई के बीच आगरा में 49.7 मिमी बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 4.8 मिमी बारिश ही हो सकी है। जुलाई के पहले दस दिनों में 90 फीसदी बारिश कम हुई है, जबकि बीते सालों में जुलाई के पहले सप्ताह में बारिश का आंकड़ा 50 मिमी को एक ही दिन में पार कर जाता था।
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प्रदेश में सबसे गर्म है आगरा
शनिवार को भी आगरा प्रदेश में सबसे गर्म शहर रहा। ताजनगरी में 39.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा, जो सामान्य से दो डिग्री ज्यादा है, जबकि न्यूनतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। 77 फीसदी आर्द्रता होने के कारण लोग गर्मी और उमस से बेहाल हो गए। आगरा के बाद झांसी में 39.2 डिग्री सेल्सियस और हरदोई में 38 डिग्री सेल्सियस पारा रहा।
आज बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र ने 9 जुलाई से 12 जुलाई तक बारिश के आसार जताए थे, लेकिन 9 और 10 जुलाई को ताजनगरी में बारिश हुई नहीं। दोनों ही दिन पूर्वानुमान फेल साबित हुआ, लेकिन शनिवार रात मौसम विज्ञान विभाग ने फिर से रविवार को बारिश होने के आसार जताए हैं। रविवार से मंगलवार के बीच बारिश होने की संभावना जताई है।
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