दो सराफों की हत्या और चार करोड़ के सोने की लूट के खुलासे को डीजीपी, एडीजी, आईजी, डीआईजी और एसएसपी समेत 20 अफसर लगे हैं। 27 टीमें बदमाशों को पकड़ने के लिए दौड़ रही हैं। 70 दबिश अभी तक हो गई हैं, लेकिन पुलिस के हाथ ठोस सुराग तक नहीं लगा है। एसटीएफ के हाथ भी खाली हैं।
15 मई को होलीगेट के कोयला वाली गली में दो सराफ मेघ अग्रवाल और विकास अग्रवाल की हत्या कर चार करोड़ का सोना लूट लिया गया था। इस वारदात से व्यापारी गुस्से में हैं। उसी दिन से मथुरा का बाजार बंद है। डीजीपी सुलखान सिंह 17 मई को पूरे दिन मथुरा में डेरा डाले रहे। 18 मई को आगरा में भी इस घटना की समीक्षा की।
यह वारदात विधानसभा तक में गूंजी लिहाजा खुलासे के लिए पूरी ताकत लगा दी गई है। एडीजी अजय आनंद लगातार मानीटरिंग कर रहे हैं। आईजी की टीम लगी है। डीआईजी भी लगे हुए हैं। मथुरा के एसएसपी, एसपी देहात, एसपी क्राइम, एसपी सिटी के साथ स्वाट टीम को लगाया गया है। पुलिस अफसर जिनको तेज तर्रार दरोगा और इंस्पेक्टर कहते हैं वह भी लगा दिए हैं। इन सबने मिलकर शुक्रवार की शाम तक 70 दबिशें दे दी हैं।
उत्तर प्रदेश में अलीगढ़, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर और हरियाणा में होडल और मेवात के इलाके में छापे मारे गए हैं। राजस्थान के डीग में भी पुलिस पहुंची है। मथुरा के चौबियापाड़ा में तो एक दिन में तीन तीन दबिशें पड़ रही हैं। एसटीएफ की तो पूरी ताकत इस घटना के खुलासे में लगा दी गई है। अभी तक नतीजा सिफर ही है। किस गैंग का हाथ है। कौन बदमाश हैं इसकी जानकारी तक पुलिस को नहीं हो पाई है। खुलासे में जितना विलंब हो रहा है हालात उतने ही बिगड़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री और मंत्री भी रोज ले रहे अपडेट
17 मई को जब डीजीपी मथुरा आए थे तब उन्होंने कहा था कि पुलिस को अहम सुराग हाथ लग गए हैं जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा। लेकिन इस बात को भी तीन दिन हो गए। 18 मई को आगरा में डीजीपी ने कहा कि पुलिस खुलासे के करीब है, लेकिन अभी कहीं कुछ दिख ही नहीं रहा है। योगी सरकार के लिए यह पहली चुनौतीपूर्ण घटना है। इस घटना को लेकर विधानसभा में हंगामा हुआ था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जवाब देना पड़ा था। डीजीपी को मथुरा भेजा गया। क्योंकि अब प्रदेश भर में आंदोलन हो रहे हैं लिहाजा मुख्यमंत्री भी दो सराफों की हत्या व लूटकांड इस घटना का रोज अपडेट ले रहे हैं। कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा यहां के रहने वाले हैं लिहाजा वह भी पुलिस अफसरों के लगातार संपर्क में हैं। डीजीपी, एडीजी, आईजी, डीआईजी, एसएसपी, एसपी देहात, एसपी क्राइम, एसपी सिटी, सीओ छह, एसएसपी एसटीएफ, एसपी एसटीएफ, चार सीओ एसटीएफ जांच में जुटे हैं।