आगरा नगर निगम ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर में बड़ी संख्या में सार्वजनिक शौचालयों और मूत्रालयों का निर्माण कराया है। इनकी सफाई के लिए शहर को चार जोन में बांटकर चार अलग-अलग कंपनियों को सफाई की जिम्मेदारी सौंपी है लेकिन सफाई के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। इस पर नगर निगम ने चारों को कंपनियों को नोटिस जारी करके करार समाप्त करने की चेतावनी जारी की है।
नगर निगम ने शौचालयों और मूत्रालयों की सफाई व्यवस्था करने वाली कंपनियों को वहां विज्ञापन का अधिकार दिया था। शौचालयों पर कर्मचारी तैनात करना था और मूत्रालयों की सुबह और शाम सफाई करने का करार हुआ था। करार होने के कुछ दिन तक कंपनियों ने काम किया लेकिन अब सफाई व्यवस्था के साथ खिलवाड़ की जा रही है।
कई-कई दिन तक मूत्रालय साफ नहीं होते हैं और शौचालयों पर कर्मचारी नहीं रहते। इसकी वजह से आम आदमी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि छत्ता जोन में ज्योति विकास संस्था को करीब 25 शौचालयों की सफाई का जिम्मेदारी है। हरीपर्वत जोन में आदर्श सेवा, लोहामंडी में एसएस सर्विसेज और ताजगंज में ग्राम्य विकास को दिया गया है। सभी चारों को संस्थाओं को 25-25 शौचालय सौंपे गए हैं।
राजीव कुमार राठी ने बताया कि सभी संस्थाओं को नोटिस जारी किया गया है। उनके पदाधिकारियों को तलब करके स्पष्ट कर दिया है कि 15 दिन के अंदर व्यवस्थाएं दुरुस्त करें और अन्यथा नगर निगम उनके साथ किया गया करार समाप्त कर सकता है।