पुलिस को आशंका है कि पकड़ को आगरा से ले जाकर बीहड़ में रखा गया होगा। इसलिए वहां की पुलिस से भी मदद ली जा रही है। हालांकि चार दिन बाद भी यह पता नहीं चल सका है कि गिरोह कौन सा था? अपहरण में कितने बदमाश थे? और अधिवक्ता को किस वाहन से ले गए? एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि टीम लगी हुई हैं। अभी कोई सुराग नहीं मिल सका है।
परिवार का हाल बेहाल
अधिवक्ता का सुराग नहीं लगने के कारण परिजनों का हाल बेहाल है। उनकी यह स्थिति नहीं है कि वो 50 लाख रुपये का इंतजाम कर सकें। बदमाशों ने उन्हें धमकी दी थी कि पुलिस से संपर्क किया तो अच्छा नहीं होगा। इस कारण परिजन पुलिस से संपर्क नहीं कर रहे हैं। अपहरणकर्ताओं का दोबारा फोन आने का इंतजार कर रहे हैं।
उधर, अधिवक्ता के अपहरण से दीवानी कचहरी सहित तहसील के अधिवक्ताओं में उबाल आ गया। बार एसोसिएशन ने मामले में शुक्रवार को हड़ताल का एलान कर दिया। सदर तहसील और जसराना तहसील के अधिवक्ताओं ने भी कामकाज ठप रखा।
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