कॉल करके बेरोजगार युवकों को इस एकेडमी में बुलाया जाता था। उनसे रजिस्ट्रेशन के नाम पर 20 हजार रुपये लेते थे। एक छात्र से चार महीने की ट्रेनिंग में 1.80 लाख रुपये ले लिए जाते थे। स्थानीय युवकों को नहीं रखा जाता था। पेमेंट कैश में ही लिया जाता था। जो लोग कैश नहीं दे पाते थे, उन्हें कुछ खाते में रकम जमा करने के लिए बोलते थे।
एएसपी के मुताबिक, सात साल में संचालकों ने 300 से अधिक युवाओं से तकरीबन पांच करोड़ की रकम लेने की आशंका है। उनके खाते और संपत्ति की जांच कर जब्त करने की कार्रवाई करेंगे। एकेडमी के शिक्षक और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी। यदि, वो भी शामिल होंगे तो मुकदमे में नामों को शामिल किया जाएगा।
इस संबंध में राजस्थान के जालौर निवासी राकेश ने शिकायत की थी। इस पर मुकदमा दर्ज किया गया। उसे दो महीने पहले कॉल करके मर्चेंट नेवी में नौकरी लगाने का आश्वासन दिया गया था। उससे रजिस्ट्रेशन के नाम पर 20 हजार रुपये लिए गए।
बाद में ट्रेनिंग के लिए 50 हजार रुपये और खाते में जमा कराए थे। बृहस्पतिवार रात को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से राकेश के नाम का प्रवेशपत्र, एक फर्जी परिचय पत्र, पेमेंट आफश्योर शिपिंग एकेडमी नाम की रशीद बरामद हुई।
प्रयागराज और अलीगढ़ के रहने वाले हैं आरोपी
आरोपी जुल्फिकार अहमद प्रयागराज के थाना धूमनगंज बमरौली शिवाला का रहने वाला है। वो एलोरा एन्क्लेव स्थित सत्संगी अपार्टमेंट में रहता है। वहीं लोकेश और दिनेश कुमार अलीगढ़ के क्वार्सी स्थित कृष्णा विहार के रहने वाले हैं। वो सूर्या अपार्टमेंट जी-5 में रह रहे थे। दिनेश और लोकेश पिता-पुत्र हैं।
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