आगरा के सिकंदरा के गढ़ी बाईपुर में बंदरों ने छत पर कपड़े सुखाने गई नौ वर्षीय बालिका पर हमला कर दिया। बालिका को बंदरों के झुंड ने छत से नीचे फेंक दिया। बच्ची को बचाने आई चाची को भी बंदरों ने घायल कर दिया। परिजनों ने डंडे दिखाकर बंदरों को भगाया और बच्ची को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया। परिवार का आरोप है कि छह माह में गांव में बंदरों के हमले की पांच घटनाएं हो चुकी हैं और उनमें तीन की मौत हो चुकी है।
गढ़ी बाईपुर के जितेन्द्र ने बताया कि वह और भाई महेशचंद्र एक ही मकान में साथ रहते हैं। शनिवार शाम पांच बजे बड़े भाई की 9 वर्षीय बेटी तान्या छत पर कपड़े सुखाने गई थी। इसी दौरान बंदरों ने हमला बोल दिया। धक्का देकर बच्ची की नीचे फेंक दिया। नीचे पक्के फर्श पर गिरने से वह घायल हो गई। उनकी पत्नी ने बचाने का प्रयास किया तो बंदरों ने उस पर भी हमला कर दिया। बच्ची को सिकंदरा में निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। उसके सिर और पैर में चोट आई है। एमआरआई में उसके पेट में अंदरूनी चोट लगने से खून भर गया है। डाॅक्टरों ने ऑपरेशन के लिए कहा है।
छह माह में पांच हादसे, तीन की गई जान
बच्ची के चाचा ने बताया कि गांव में बंदरों का आतंक है। यहां अब तक बंदरों के हमले में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। रक्षाबंधन के दिन घर के सामने रहने वाली महिला बंदरों के हमले से बचने के दौरान दूसरी मंजिल से गिरी थीं। सिर फटने से उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। छह माह में पांच हादसे हो चुके हैं। बंदरों को अब तक पकड़ने का काम शुरू नहीं किया गया।