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शादी की खुशियों पर कोरोना का ग्रहण: संक्रमण के बढ़ने से लोग आशंकित, प्रतिबंध और न बढ़ जाएं

Sat, 17 Apr 2021 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

रात्रि कर्फ्यू के कारण शादी वाले घरों में असमंजस की स्थिति है। उन्हें यह चिंता है कि शादी में किसे बुलाएं, किसे नहीं। 
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नाइट कर्फ्यू (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सहालग 24 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं। इस बीच में कोरोना के बढ़ते संक्रमण ने वेडिंग इंडस्ट्री के साथ शादी वाले परिवारों के माथे पर चिंता की लकीरें डाल दी हैं। जिन परिवारों में अप्रैल के महीने में ही शादी है वह अधिक परेशान हैं। सबसे बड़ी चिंता कार्ड बांटने की है। 

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पहली चिंता यह है कि कार्ड किसे दें और किसे छोड़ दें। जिन्होंने कार्ड बांट दिए हैं वह प्रतिबंधों के बढ़ने की आशंका से चिंतित हैं। अधिकांश परिवार 20 अप्रैल को समाप्त होने वाले रात्रि कर्फ्यू के बाद सरकार की ओर से जारी होने वाली नई गाइडलाइन का इंतजार कर रहे हैं। काफी परिवारों ने अपने कार्यक्रम सीमित कर दिए हैं। 

ये हैं चिंताएं
1-मेहमानों की संख्या पर असमंजस, कितने लोगों का भोजन तैयार किया जाए।
2-प्रतिबंध बढ़ने की आशंका में शादी के कार्डों की संख्या का तय नहीं हो पाना।  
3-एडवांस बुकिंग के लिए किए गए भुगतान की वापसी को लेकर चिंता। 
4-रात्रि कर्फ्यू के बढ़ने की आशंका, दिन के कार्यक्रम के लिए तैयारियों का तनाव। 

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कार्यक्रम में करना पड़ेगा बदलाव 
आवास विकास कॉलोनी निवासी रेनू कुमारी के बेटे की 25 अप्रैल को अवधपुरी स्थित एसडी रिसोर्ट में शादी है। रेनू दिल्ली में इलाज करा रही हैं। अपनी बीमारी के साथ ही संक्रमण की रफ्तार भी उनकी चिंता बढ़ा रही है। उनकी सबसे बड़ी चिंता यही है कि जिन लोगों को कार्ड बांटे जा चुके हैं, उन्हें मना नहीं किया जा सकता। बोलीं कि अगर रात्रि कर्फ्यू जारी रहा तो शादी के कार्यक्रमों में काफी बदलाव करना पड़ेगा। 

कार्ड को दें पास की मान्यता
आवास विकास सेक्टर सात निवासी भुवन चंद उपाध्याय के बेटे की 27 अप्रैल को ग्रीन वैली, पश्चिमपुरी में शादी है। उनकी चिंता इस बात को लेकर है कि अगर रात का कर्फ्यू बना रहा तो मेहमानों का आना काफी मुश्किल हो जाएगा। वह फैसला नहीं कर पा रहे कि कितने मेहमानों का भोजन तैयार कराया जाए। बोले कि शादी के कार्डों को अगर पास की मान्यता दे दी जाए, तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो सकता है। 
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