वादी की ओर से प्रार्थनापत्र में कहा गया कि पुलिस ने अदालत के निर्देश पर जो आख्या दाखिल की है, वह अधूरी है। पुलिस ने कंगना रणौत का बयान दर्ज करने के बजाय उनकी अधिवक्ता के बयान के आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी।
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भाजपा सांसद एवं फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत के मामले में शनिवार को एडीजे-1 पुष्कर उपाध्याय की अदालत में सुनवाई हुई। वादी के अधिवक्ता ने बहस में दलीलें दीं। अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
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वादी रमाशंकर शर्मा ने 6 जून, 2026 को स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए के समक्ष प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। कहा गया कि पुलिस ने अदालत के निर्देश पर जो आख्या दाखिल की है, वह अधूरी है। पुलिस ने कंगना रणौत का बयान दर्ज करने के बजाय उनकी अधिवक्ता के बयान के आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बयान लिया जाए। स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए अनुज कुमार सिंह ने प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया था। किसानों पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाकर 11 सितंबर, 2024 को अधिवक्ता ने अदालत में वाद दायर किया था।