रामनगर की पुलिया के पास अजमन ट्रांसपोर्ट के संचालक असगर अली का शव 4 अप्रैल को मल्ल का चबूतरा क्षेत्र में मिला था। परिजन ने एक जीएसटी महिला अधिकारी, उसके पति, पूर्व चालक और दो अन्य पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस की जांच में घटना का सीसीटीवी फुटेज मिला था, जिसमें एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मारी थी। असगर अली ने चार माह पूर्व जीएसटी अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर शिकायत की थी। अधिकारी ने भी असगर पर चौथ मांगने का आरोप लगाकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामला लोकायुक्त तक पहुंच गया था।
परिजनों का आरोप है कि खुद को फंसता देख जीएसटी अधिकारी और उसका पति लगातार धमकियां दे रहे थे। एक रिश्तेदार और उसके गुर्गे से धमकियां दिलाने के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करवाकर बदनाम किया जा रहा था। असगर ने घटना के दो दिन पहले ही प्रेस कांफ्रेंस कर जान का खतरा बताया था।
शुरू हुआ दबिश का दौर
असगर अली की मौत के दो दिन बाद तहरीर दी गई। प्राथमिकी में अपना नाम शक के घेरे में देखने के बाद सभी भूमिगत हो गए। अपने मोबाइलों को बंद कर दिया। संभावित ठिकानों पर भी नहीं हैं। इससे पुलिस का शक बढ़ गया है। जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस उन्हें पकड़ने के प्रयास में लग गई है। शनिवार को एक व्यक्ति के ताजगंज क्षेत्र में होने की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी। हालांकि वह मौके पर नहीं मिला।