जम्मू कश्मीर के शस्त्र लाइसेंस को बिना आवेदन और अनुमति आगरा में ट्रांसफर कर यूनिक आईडी बनाने के मामले में आउटसोर्स कर्मियों की भूमिका संदिग्ध है। आरोप है कि शस्त्र लाइसेंस पोर्टल में आउटसोर्स कर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर पंकज ने सेंध लगाई। उस पर केस दर्ज होने के बाद अब पुलिस तीन अन्य कर्मियों से पूछताछ कर सकती है।
कलेक्ट्रेट स्थित आयुध कार्यालय से सैनिक का शस्त्र लाइसेंस ट्रांसफर हुआ। ऑल इंडिया पोर्टल की लॉगइन आईडी और पासवर्ड लीक हुए। जिस सैनिक को नई यूनिक आईडी मिली, उसने जम्मू कश्मीर से लाइसेंस जारी कराया था। लाइसेंस में कश्मीर के रामबन जनपद की जगह राजस्थान का झुंझुनू दर्ज कराया।
ऐसे में सैनिक के संबंध में सत्यापन रिपोर्ट व अन्य जानकारियां जुटाने के लिए डीएम ने गृह मंत्रालय को पत्र भेजा है। इससे पहले जम्मू कश्मीर के रामबन, राजस्थान के झुंझुनू और पंजाब के गुरुदासपुर के डीएम को पत्र भेजे जा चुके हैं। तीन शस्त्र लाइसेंस में गड़बड़ी सामने आई है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
इस मामले में असलहा बाबू प्रशांत कुमार को निलंबित किया जा चुका है। कंप्यूटर ऑपरेटर पंकज के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी का कहना है कि साइबर विशेषज्ञों की मदद के लिए शासन को अवगत कराया है। जिस कंप्यूटर सिस्टम का इस्तेमाल हुआ उसका आईपी एड्रेस निकाला जा रहा है। डीएम ने बताया कि इस फर्जीवाड़े के तार दिल्ली से जुड़े होने के संकेत मिल रहे हैं। विस्तृत जांच में स्थिति स्पष्ट होगी। जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
फर्जी लाइसेंस में फंस चुके हैं असलहा बाबू
डीएम की फर्जी मुहर व हस्ताक्षर से जाली शस्त्र लाइसेंस मामले में एसटीएफ जांच कर रही है। तत्कालीन असलहा बाबू संजय कपूर सहित सात लोगों के विरुद्ध एसटीएफ ने केस दर्ज कराया था। आरोपी हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे लेकर भूमिगत हैं। ऐसे में अब शस्त्र लाइसेंस का फर्जी ट्रांसफर का मामला सामने आने से कलेक्ट्रेट के आयुध विभाग में अफरातफरी मची है।