इधर पीडब्ल्यूडी कॉन्ट्रेक्टर्स एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष सुबोध रावत ने बताया कि कॉन्ट्रेक्टर्स के कार्य बहिष्कार के कारण पिछले दो महीने से कोई नया टेंडर नहीं हुआ। बाबू और इंजीनियर पुराने अनुबंध पत्रों को वैधता खत्म होने के बाद पुन: जीवित कर काम बांट रहे हैं। 10 लाख रुपये के अनुबंध पत्रों पर 40-40 लाख रुपये के काम बांटे जा रहे हैं। बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है।
सर्वे में ऐसे हुई मनमानी
जिन सड़कों में गड्ढे हैं उनका इस साल सर्वे ही नहीं हुआ। यह तब है जबकि इस साल बरसात अधिक होने से ज्यादा सड़कें खराब हुईं। वर्ष 2021 में हुए सर्वे के आधार पर ही पैचवर्क हो रहा है। करीब 500 से अधिक ग्रामीण, जिला व अन्य मार्ग जर्जर हैं। बड़ी संख्या में जर्जर सड़कों को गड्ढा मुक्ति अभियान में शामिल नहीं किया गया है।
गड्ढे भरने में भी फर्जीवाड़ा
वायु प्रदूषण बढ़ने के कारण आसपास के जिलों में हॉट मिक्स व स्टोन क्रसर प्लांट बंद हैं। गिट्टियों व तारकोल की आपूर्ति नहीं हो रही। इधर ठेकेदारों की हड़ताल भी चल रही है। जनप्रहरी के संयोजक नरोत्तम शर्मा का आरोप है कि जो सड़क बनाई जा रही हैं वह एक दिन में ही उखड़ रही है। गड्ढे भरने के नाम पर फर्जीवाड़ा हो रहा है। उन्होंने बताया कि पिनाहट के कांकरखेड़ा में तीन किमी की सड़क बनने के दूसरे दिन ही उखड़ गई।
दोषियों के विरुद्ध होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी नवनीत चहल ने बताया कि सड़कों के पैचवर्क का थर्ड पार्टी से ऑडिट कराया जाएगा। तकनीकी जांच के लिए भौतिक सत्यापन होगा। गुणवत्ता और टेंडर में गड़बड़ियों की शिकायतें मिली हैं। जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे।