फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नशे के कारोबार ने बढ़ाई इन दवाओं की किल्लत, इस देश में की जा रही सप्लाई

Tue, 20 Mar 2018 11:18 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
demo pic - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बिहार, बांग्लादेश में शराबबंदी ने आगरा में खांसी के सीरप और बेहोश करने वाले इंजेक्शन की किल्लत बढ़ा दी है। मोटे मुनाफे के लिए खांसी के सीरप को यहां से सीधे वहां खपाया जा रहा है। 
विज्ञापन


हालत ये है कि बिहार और बांग्लादेश में खांसी सीरप तीन गुना तो इंजेक्शन दस गुनी कीमत पर बेचे जा रहे हैं। ऐसे में शहर में ब्रांडेड कंपनी के खांसी के सीरप ढूंढे नहीं मिल रहे। 

खांसी के सीरप मिट्स लिंटस कोडीन, कॉरेक्स, फैंसीड्रिल आदि में कोडीन की मात्रा रहती है। नशे के आदी लोग इसकी अधिक मात्रा लेकर अपना शौक पूरा करते हैं। बिहार और बांग्लादेश में शराबबंदी के चलते इसकी जबरदस्त मांग है। 
विज्ञापन

नशाखोर सीरप और इंजेक्शन के लिए ज्यादा कीमत देते हैं। ऐसे में कालाबाजारी करने वाले इनको सीधे बिहार और बांग्लादेश में खपा रहे हैं। इन सीरप की सामान्य कीमत 70 से 80 रुपये है, जिसकी कीमत 200 रुपये तक मिलती है। 

ऐसा ही फॉर्टबिन इंजेक्शन के साथ है। ये किसी भी आपरेशन से पहले मरीज को बेहोश करने के लिए दिया जाता है। एक इंजेक्शन पांच रुपये की कीमत का है, जो 50 रुपये में भी बमुश्किल मिल रहा है। 

मरीज खांसी का जेनेरिक सीरप खरीद कर रहे हैं तो आपरेशन के लिए फॉर्टबिन इंजेक्शन की मनमानी कीमत देने को मजबूर हैं। 
विज्ञापन

नारकोटिक की टीम ने साल में मारे पांच छापे 

खांसी के सीरप और इंजेक्शन की कालाबाजारी पर दिल्ली की नारकोटिक पिछले साल पांच बार छापा मार चुकी है। टीम माल बरामद नहीं कर सकी, लेकिन कई संदिग्ध विक्रेताओं को नोटिस दिए थे। इसके अलावा हाल ही में ड्रग विभाग ने भी छापे में फिजीशियन सैंपल के सीरप जब्त किए थे। 

दवा बाजार में एंटी रैबीज इंजेक्शन रैबीबुर, मधुमेह के लिए इंसुलिन, फ्लॉजन एए और प्लस, एल्बुमिन, वैक्सीरब इंजेक्शन आदि की भी लंबे समय से कमी है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। दवा विक्रेता इसके लिए आपूर्ति से अधिक मांग को वजह बता रहे हैं।  

आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशु शर्मा का कहना है कि खांसी सीरप की भारी कमी है, मोटे मुनाफे के लिए इनकी सप्लाई भी यहां कम हो रही है। मरीज जेनेरिक सीरप खरीद रहे हैं, वह भी मनमाने दाम पर। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें