शारदीय नवरात्र चित्रा नक्षत्र, सर्वार्थ सिद्धि और वीणा योग में प्रारंभ होंगे। सूर्य चंद्रमा तुला राशि में, गुरु धनु, मंगल मीन, शनि मकर राशि में गोचर करेंगे। तीन सर्वार्थ सिद्धि के अलावा एक त्रिपुस्कर योग भी बन रहा है। इसमें खरीदारी करना शुभ रहता है।
ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि तीन सर्वार्थ सिद्धि योग पुण्य फलदायी हैं। इस योग में कोई भी शुभ कार्य थोड़े से प्रयास से सफल हो जाता है। वीणा योग मन को प्रसन्नता देता है। यह तब बनता है कि जब सभी गृह सात राशियों में होते हैं। प्रथम दिन 17 अक्तूबर को मां शैलपुत्री की पूजा होगी।
दूसरे दिन मां ब्रहमचारिणी, तीसरे दिन मां चंद्रघंटा, चौथे दिन कूष्मांडा, पांचवें दिन स्कंदमाता, छठे दिन मां कात्यायनी, सातवें दिन मां कालरात्रि, आठवें दिन मां महागौरी और नौवें दिन सिद्धिदात्री की पूजा होती है।
घट स्थापना मुहूर्त : सुबह सात से नौ बजे तक
23 अक्तूबर को सप्तमी और अष्टमी
23 अक्तूबर को एक ही दिन सप्तमी और अष्टमी मनाई जाएगी। 24 को महानवमी का पूजन होगा। मैया अश्व पर सवार होकर आएंगी और अश्व पर ही प्रस्थान करेंगी। इसके बाद सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक भी मुहूर्त रहेगा।