राष्ट्रीय स्मार्ट सिटी पुरस्कार में आगरा को तीसरा स्थान मिलने के पीछे बड़ी वजह 11 योजनाओं में एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर है, जिससे ट्रैफिक कंट्रोल, नियमों के उल्लंघन पर चालान, सफाई वाले वाहनों की मॉनिटरिंग, प्रदूषण नियंत्रण, एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग जैसे कदम उठाए जा रहे है।
शहर में इस कमांड सेंटर से 1100 कैमरे जुड़े हुए हैं। इनके अलावा लोगों के घरों के बाहर जो कैमरे लगे हैं उन्हें भी इस नियंत्रण कक्ष से जोड़ने की तैयारी चल रही है जिससे हर गली, मोहल्ला और पार्क कंट्रोल रूम की निगरानी में आ जाएगा। इससे किसी तरह की वारदात को भी आसानी से पकडा जा सकेगा। आगरा स्मार्ट सिटी के सौरभ गुप्ता ने बताया कि कमांड सेंटर से विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों का चालान करने तथा हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट न लगाने वालों एवं मोबाइल पर बात करते हुये वाहन चलाने वालों के चालान आईटीएमएस सिस्टम से करने के प्रयास होंगे।
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जाम वाले चौराहों पर हो रही निगरानी:
- हरीपर्वत चौराहा, भगवान टॉकीज, सैंट जोन्स, आगरा कॉलेज, कलेक्ट्रेट, स्टेट बैंक तिराहा, साई की तकिया, तारघर, मुधनगर, जीवनी मण्डी, रामबाग, टेढीबगिया, वाटर वर्क्स, सुल्तानगंज की पुलिया ( विकल चौक), सिकन्दरा, बोदला, लोहामंडी, मदिया कटरा, रुई की मंडी, भोगीपुरा में कैमरों से निगरानी की जा रही है।
ये भी हैं स्मार्ट सिटी योजनाएं
- ताजगंज को 24 घंटे जलापूर्ति योजना।
- पानी के 15000 इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाए।
- ताजमहल के पास देश में पहली बार वैक्यूम सीवर लगाए।
- स्मारकों के पास ऑटोमेटिक शौचालय लगाए।
- शहर में 3 जगहों पर हेल्थ सेंटर की स्थापना।
- ताजगंज में हेरिटेज वाक बनाया गया।
- कमांड सेंटर से कचरा निस्तारण पर निगरानी।
- फतेहाबाद रोड का चौड़ीकरण और सड़क निर्माण।
- ताजमहल के पास ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण।
- विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों का होगा चालान।