यमुना किनारे बनी आवासीय योजनाओं पर एनजीटी ने प्रतिबंध लगा दिया था। जिसको लेकर एनजीटी में मामला विचाराधीन है। अब 31 मई को मामले की सुनवाई होगी। सोमवार को एनजीटी में डूब क्षेत्र की आठ आवासीय योजनाओं को लेकर सुनवाई हुई।
बता दें कि पर्यावरणविद डीके जोशी ने एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) में वर्ष 2015 में यमुना में डूब क्षेत्र में किये जा रहे आवासीय निर्माण के खिलाफ याचिका दायर की थी।
इस पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने जिन जिन शहरों में यमुना नदी गुजर रही है। उन सभी शहरों में डूब क्षेत्र के निर्धारण होने तक सभी निर्माणों को प्रतिबंधित कर दिया था। उनकी बिक्री भी प्रतिबंधित कर दी थी।