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गो आश्रय स्थल में दम तोड़ रहे 'नंदी', हिन्दूवादी कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा

Mon, 20 May 2019 10:28 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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बाईंपुर नंदीशाला में (गो आश्रय स्थल) में सोमवार में हरा चारा डालने पर सांड़ आपस में भिड़ गए। भिड़ंत में चार सांड़ों की मौत हो गई। मामले में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। उन्होंने पशुपालन विभाग के अफसरों पर लापरवाही करने का आरोप लगाया। 
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बताया गया है कि बाईंपुर नंदी शाला में सोमवार की दोपहर को सांड़ों को हरा चारा डाला गया था। गोशाला में इसी दरम्यान फतेहाबाद में पकड़े गए 35 सांड़ों को भेज दिया गया। कई दिन से भूखे प्यासे सांड़ों ने गोशाला में पहुंचते ही आतंक मचा दिया। कर्मचारियों ने बताया कि सांड़ हरे चारे पर टूट पड़े। जो कमजोर सांड़ थे, उनसे भिड़ंत हो गई। नए सांड़ों और पुरानों में संघर्ष होने लगा। 

कर्मचारियों के प्रयासों के बाद भी सांड़ काबू में नहीं आए तो उन पर पानी फेंका गया। इस दरम्यान लड़ाई में तीन सांड़ों की मौत हो गई, एक घायल सांड़ ने बाद में दम तोड़ दिया। इसकी जानकारी होने पर पशु चिकित्सक और मुख्य पशुपालन अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। 
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सीवीओ डा. एके दौनेरिया ने बताया कि एक साथ 35 सांड़ों को भेज दिया गया। वह भूखे प्यासे थे, गोशाला में आकर भिड़ गए। गोशाला में पहले से ही 908 सांड़ हैं। उनके चारे और पानी की व्यवस्था मुश्किल हो रही है। नए सांड़ों ने पुराने सांड़ों पर हमला कर दिया। 

नंदी शाला में फिर सांडों के मरने की खबर मिलने पर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया। उनका कहना था कि पशु पालन विभाग की लापरवाही से लगातार गोवंश की मौत हो रही है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। 

घुमंतू गोवंशों के लिए व्यवस्थाएं करने की जिम्मेदारी कई विभागों को सौंपी गई है, लेकिन अभी तक कोई विभाग अपने कार्य नहीं कर रहा है। नेडा को गोशालाओं में लाइटिंग करने का जिम्मा दिया गया था, जबकि सिंचाई विभाग को ट्यूबवेल लगवाना था। इसी तरह वन विभाग को पौधरोपण करना था, लेकिन अभी तक पशु पालन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ही संचालन से लेकर चिकित्सा आदि की व्यवस्थाओं में लगे हुए हैं। 
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