डॉक्टर नंदन सिंह एवं डॉ. ज्ञान प्रकाश गुप्ता, बाएं से दाएं
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इलाज में रुपये नहीं बनते हैं बाधा: डॉ. ज्ञानप्रकाश
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ज्ञानप्रकाश सादगी और सरल स्वभाव के साथ मरीजों में भी लोकप्रिय हैं। ओपीडी हो या फिर ऑपरेशन। कभी रुपये इलाज में बाधा नहीं बने और किसी मरीज को क्लीनिक से निराश नहीं लौटने दिया। कई मरीजों के निशुल्क ऑपरेशन कर जीवनदान दे चुके हैं। उनका कहना है कि माता-पिता से मानवता का पाठ पढ़ा। इलाज के लिए रुपयों को तवज्जो नहीं दी।
पति-पत्नी संक्रमित, घर नहीं जा पाए: डॉ. नंदन
स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ डॉ. नंदन सिंह डेढ़ साल से रैपिड रिस्पांस टीम के प्रभारी हैं। इन्होंने बताया कि सूची मिलते ही दिन-रात देखे बिना संक्रमित मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना, कांटेक्ट वालों की सूची कर उनको खोजकर नमूने दिलवाने का कार्य रहा। दूसरी लहर में काम इतना बढ़ गया कि कोसी में पत्नी और बेटा संक्रमित हो गए, लेकिन घर नहीं जा सका।
डॉक्टर विवेक एवं डॉ. अखिल, बाएं से दाएं
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पति-पत्नी ने कोविड वार्ड में संभाला मोर्चा
एसएन के एनेस्थीसिया विभाग के ऑक्सीजन प्रभारी डॉ. अपूर्व मित्तल ने कोविड आईसीयू में भी ड्यूटी दी। इनकी पत्नी डॉ. अर्पिता सक्सेना ने दूसरी कोविड आईसीयू में मरीजों के इलाज का जिम्मा संभाला। आठ साल की बच्ची और चार साल का बेटा है। बेटा गंभीर बीमारी से जूूझ रहा है, उसका जिम्मा दादी ने संभाला। दोनों बोले, कोविड में मरीजों का इलाज किया, शायद उन्हीं की किसी प्रार्थना से बेटा पूरी तरह से ठीक हो जाए।
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