प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्था नेशनल चेंबर के चुनाव में केवल चर्चाओं और समीकरण बिगाड़ने के लिए खड़े होने वालों को अब जोर का झटका लगेगा।
नेशनल चेंबर ने संस्था का संविधान बदल दिया है, जिसके तहत अब अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी को 20 हजार रुपये का शुल्क जमा करना होगा।
दो बार उपाध्यक्ष या एक-एक बार कोषाध्यक्ष और उपाध्यक्ष रहने वाले पदाधिकारी ही अध्यक्ष पद की दावेदारी कर सकेंगे। नेशनल चेंबर ने संस्था के संविधान में किए गए बदलाव को मंजूरी दे दी है।
चेंबर की आम सभा की बैठक में प्रस्तावित संशोधनों पर मुहर लगा दी गई। नए बदलाव चैंबर के चुनाव प्रक्रिया को एकदम बदल देंगे।
नए नियमों के मुताबिक अब अध्यक्ष पद के लिए 20 हजार रुपये, उपाध्यक्ष के लिए 15 हजार, कोषाध्यक्ष के लिए 10 हजार और कार्यकारिणी सदस्यों के चुनाव के लिए प्रत्याशी को 5 हजार रुपये जमा करने होंगे।
अभी तक सभी पदों पर चुनाव नि:शुल्क था, जिसके कारण कई प्रत्याशी चुनावी मैदान में होते थे और ऐन मौके पर पर्चा वापस ले लेते थे, लेकिन अब यह फीस नॉन रिफंडेबल यानी जमा करने के बाद वापस नहीं होगी।
ये लड़ सकेंगे अध्यक्ष पद के लिए चुनाव
संविधान सभा ने एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जिसमें कार्यकारिणी में दो बार उपाध्यक्ष या एक-एक बार उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष का पद संभालने वाले पदाधिकारी ही अध्यक्ष पद की दावेदारी कर सकेंगे।
पहले केवल एक बार उपाध्यक्ष रहने वाले अध्यक्ष पद की दावेदारी कर सकते थे। इसके अलावा कार्यकारणी की बैठक में 50 फीसदी मौजूदगी आवश्यक कर दी गई है।
नेशनल चेंबर के अध्यक्ष नरिंदर सिंह ने कहा कि बदलते वक्त के साथ संविधान में बदलाव जरूरी हो गया था। शुल्क लगाने के कारण अब केवल गंभीर प्रत्याशी ही चैंबर चुनाव लड़ेंगे, वहीं कार्यकारिणी में दो बार जिम्मेदारी संभालने वालों को ही मौका देने का बदलाव सकारात्मक परिणाम लाएगा।