घर के शिवालय से शुरू, वहीं होती है समाप्त
महंत योगेश पुरी के अनुसार 18 कोस की परिक्रमा श्रद्धालु अपने घर के शिवालय से शुरू करते हैं। इसके बाद आगरा के चारों दिशाओं में स्थित शिवालयों के दर्शन करते हुए परिक्रमा मार्ग पूरा किया जाता है। सभी प्रमुख शिवालयों के दर्शन के बाद श्रद्धालु वापस अपने घर के शिवालय पहुंचते हैं और वहीं परिक्रमा पूरी होती है।
इस परिक्रमा में केवल दूरी तय करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि आगरा के प्राचीन शिवालयों के दर्शन और भगवान शिव के प्रति आस्था के साथ धार्मिक परंपरा का निर्वहन भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।