मथुरा के कलाकार खुदाबख्श का परिवार पिछली सात पीढ़ियों ने कान्हा के जन्म की बधाई गा रहा है। भगवान की सारी लीलाओं का बधाइयों में इस तरह वर्णन करते हैं कि मानो उन्हें भगवान की हर एक लीला कंटस्थ है।
बता दें कि 70 साल की उम्र वाले खुदाबख्श मथुरा में यमुनापार के रामनगर में रहते हैं। वह एक अरसे से नंदोत्सव में कान्हा के जन्म की बधाई गाते हैं। उनके साथ परिवार के अकील खां, तुफैली खां और शकील भी रहते हैं। 16 लोगों का एक पूरा ग्रुप है। उन्होंने बताया कि उनके पूर्वजनंदभवन गोकुल में सात पीढ़ियों से शहनाई, नौहवत बजाते चले आ रहे हैं।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रात 12 बजे से एक बजे तक ढोल नगाड़ा बजाते हैं और ‘स्वागतम् कृष्णा’ गायन करते हैं। अगले दिन गोकुल में सुबह नौ बजे से नंद भवन से लेकर नंद चौक में बधाई गायन, शहनाई व नौहवत वादन करते हैं। इन लोगों का कहना है कि कान्हा केजन्म की बधाई गायन का सिलसिला कई पीढ़ियों से चल रहा है।