ज्ञापन में नदीम नूर ने कहा कि स्वीडन सरकार के द्वारा धार्मिक कट्टरता एवं आतंकी विचारधारा रखने के चलते एक व्यक्ति को पवित्र ग्रंथ कुरान शरीफ को जलाने की अनुमति दी, जिससे दुनिया भर के करोड़ों मुसलमानों की भावनाएं आहत हुई हैं। पूरी दुनिया के शांत माहौल को ख़राब करने की कोशिश की गई है। इससे पूरी दुनिया के इस्लामिक मुल्कों में भारी आक्रोश है।
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स्वीडन की ओछी हरकत
स्वीडन की इस ओछी हरकत से हमारे मुल्क के तमाम अमन पसंद मुसलमानों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाने का काम किया गया है। ज्ञापन के माध्यम से हम अपने जज्बातों का इजहार करते हुए प्रधानमंत्री से तुरंत ही स्वीडन से सभी प्रकार के रिश्ते खत्म करने की मांग करते हैं।
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ये रहे मौजूद
अमजद कुरैशी, रहीस अल्वी, मोहसिन खान, फ़रमान कुरेशी, सादिक अल्वी, मोहम्मद शफीक , आसिफ़ नबाब, फुरकान वारसी, जाकिर अल्वी, शानू कुरैशी, नदीम ठेकेदार, रफीक रजा, इमरान अब्बास, मुकीत कुरैशी, यासीन सिद्दकी, आज़ाद अल्वी, सईद सद्दाम हुसैन, मुनीश अल्वी, अमिल सलमानी, इशाक अल्वी, राशिद वसीम, रिज़वान कुरेशी, मुईन कुरेशी, बाबू भाई, आदि लोग मौजूद रहें।
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