डॉ. किरण सेठ के मैनपुरी पहुंचने पर स्वागत करते डॉ. चंद्रप्रकाश पांडेय।
मैनपुरी। अगर हौसला हो तो उम्र बाधा नहीं बन सकती। श्रीनगर से कन्याकुमारी के लिए साइकिल चलाकर बेवर पहुंचे स्पिक मैके संस्था के संस्थापक 75 वर्षीय डॉ. किरण सेठ ने यह बात सिद्ध कर दी है। उन्होंने बेवर के शहीद मंदिर पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि संगीत आज की आपाधापी की जिंदगी से उपजे अवसाद से युवाओं को मुक्त करने में बहुत महत्वपूर्ण है।
डॉ. किरण सेठ शहर के पैराडाइज पब्लिक स्कूल में पहुंचे। यहां छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति को संजोने के लिए अपनी इच्छा शक्ति के चलते यात्रा पर अकेले ही साइकिल से निकले हैं। संगीत और विज्ञान को जोड़ते हुए उन्होंने कहा की संगीत आज की आपाधापी की जिंदगी से उपजे अवसाद से युवाओं को मुक्त करने में बहुत महत्वपूर्ण है। पूरे हिंदुस्तान में लगभग 13500 किलोमीटर की यात्रा का सफर करने के बाद समापन महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर होगा। डॉक्टर किरण सेठ बेवर से भोगांव होते हुए मैनपुरी पहुंचे। जेल चौराहे पर उनका पैराडाइज पब्लिक स्कूल के प्रबंधक डॉक्टर चंद्रप्रकाश पांडेय के साथ युवाओं ने स्वागत किया। शहीद मेले के प्रबंधक राज त्रिपाठी, अरविंद भारद्वाज वीरू, प्रवीण पांडेय, मुकेश चतुर्वेदी, अमर यादव मौजूद रहे।