भरगैन (कासगंज)। जम्मू-कश्मीर में 22 जुलाई को पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन में शहीद हुए कस्बा भरगैन निवासी आरिफ पठान को खिराजे अकीदत देने के लिए महफिल-ए-मुशायरा का आयोजन हुआ। शायर जीशान भरगैनवीं ने नाते मुस्तफा सुनाकर मुशायरे का आगाज किया।
गंजडुंडवारा के एटा रोड पर अलखैर पैलेस में आयोजित महफिल-ए-मुशायरे का शुभारंभ मुख्य अतिथि गनेशपुर के प्रधान मुस्लिम हसन ने फीता काटकर किया। इसके बाद दूर दराज से आए शोहरा-ए-किराम ने शहीद आरिफ पठान की शहादत को खिराजे अकीदत पेश करते हुए कलाम सुनाए। शायर मुहम्मद हुजैफा ने सुनाया कि ‘है तिरंगा शान मेरी हिंद भी पहचान है, मैं हूं हिंदुस्तान का और मेरा हिंदुस्तान है। शायर आसिफ अल-अतश ने ‘घर वापसी हुए तो तिरंगे के साथ में, हिंदोस्तां को नाज है आरिफ पठान पर।’ जीशान भरगैनवीं ने ‘मेरे प्यारे दोस्तों अब अलविदा जाता हूं मैं, जान अपनी देश पर करके फिदा जाता हूं मैं।’ शायर हाशिम नोमानी, मुहम्मद अली ताज, नूर ऐन साहिर, नादिम नदीम, डॉ. प्रशांत देव, अभिषेक तिवारी, मशकूर ममनून, सावन शुक्ला, नजमे हसन, आदि शायरों ने तमाम कलाम सुनाए। समाजसेवी रिहान खान ने अतिथियों का शॉल पहनाकर स्वागत किया। संचालन लेखक एवं शायर नदीम फर्रुख ने किया। संयोजक आसिफ अल-अतश, पूर्व प्रधान रमजानी खान, खलील खान, सरताज अली, हाजी इसरार अहमद, सलीम, हलीम, शराफत वारसी, शोएब, शहंशाह, जमील, अनीश टेलर, अब्दुल कादिर, नसीम सलीम, समीर साहिल सैफी आदि मौजूद रहे।