कासगंज। गन्ना खरीद में बिचौलियों की सक्रियता की शिकायत पर शासन सख्त है। मुख्य सचिव ने डीएम को पत्र जारी कर खादर की जमीनों का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गन्ना माफियाओं को चिह्नित करने को कहा है।
पेराई सत्र 2018-19 में शासन को शिकायत मिली कि गंगा नदी के किनारे नदी की जमीन पर तमाम दबंग गन्ना पैदा करते हैं। संबंधित क्षेत्र की चीनी मिल बिना भूलेखों के बिचौलियों को सक्रिय कर गन्ना खरीद करती है। इस तरह की शिकायतों पर मुख्य सचिव ने गंगा नदी के प्रवाह स्थल के किनारे बसे जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया है। कासगंज के डीएम को भी पत्र भेजकर निर्देशित किया गया है कि खादर क्षेत्रों में गन्ना सर्वेक्षण का कार्य कराएं। अवैध रूप से गन्ना बुवाई कर आपूर्ति के लिए दबाव बनाने के वाले माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करें। गन्ना समिति के लिए एक या एक से अधिक तहसीलदार को नियुक्त करें। तहसीलदार की टीम राजस्व कर्मियों के साथ रैंडम जांच कर एसडीएम के माध्यम से रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। शासन से निर्देश मिलने के बाद डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने जिम्मेदारों को कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं। गन्ना विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। विभाग भूमि के सर्वेक्षण में जुट गया है।
आंकड़े की नजर से-
- 11752 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना पैदावार का लक्ष्य तय।
- 50 लाख क्विंटल से अधिक गन्ना पैदावार के लिए की जा रही कवायद।
- 1 हजार से अधिक किसान हैं गन्ना सोसाइटी में पंजीकृत।
- शासन से जांच के निर्देश मिलने के बाद डीएम ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। जिले में कहीं भी अब तक गन्ना माफिया सक्रिय नहीं हैं, लेकिन तत्काल जांच शुरू कर दी गई है।
- ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।