आठ दिन से लापता दरोगा का शव शनिवार को यमुना में मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव बाहर निकलवाकर परिजनों को सूचना दी। उरई कोतवाली में उनकी गुमशुदगी दर्ज है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला राजेंद्र नगर निवासी जितेंद्र कुमार दरोगा हैं और आगरा पुलिस लाइन में तैनात थे। 28 फरवरी को वह बिना छुट्टी घर आ गए थे। कुछ देर बाद ही वह दोस्तों से मिलने जाने की बात कहकर निकल गए। देर रात तक जब घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनके मोबाइल पर संपर्क किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। कुछ पता न चलने पर कोतवाली पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करा दी गई।
शनिवार को उसका शव कालपी कोतवाली क्षेत्र के रायड़ दिवारा गांव के पास निकली यमुना नदी में दिखा। ग्रामीणों ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। उरई से पहुंचे परिजनों ने उनकी शिनाख्त की। एएसपी प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं मामले की जानकारी देते हुए आगरा डीसीपी लाइन सोनम कुमार ने बताया कि दरोगा जितेंद्र कुमार काफी समय से गैरहाजिर चल रहे थे। उनके बारे में अन्य कोई जानकारी नहीं मिली है।
हत्या आत्महत्या में उलझी पुलिस, तनाव में था दरोगा
परिजनों ने बताया कि 28 फरवरी की शाम जितेंद्र कुमार घर आ गए थे। जब पिता ने उससे पूछा कि छुट्टी लेकर आए हो तो उसने बताया कि छुट्टी नहीं मिली है। वह घर चला आया है। थोड़ी देर बाद वह घर से निकलने लगा तो उन्होंने पूछा तो उसने बताया कि वह घूमने जा रहा है, कुछ देर बाद लौट आएगा। लेकिन इसके बाद वह घर नहीं लौटा। फोन करने पर एक बार बात हुई तो बताया कि वह आ रहा है। लेकिन इसके बाद से उसका फोन नहीं लग रहा था। परिजनों ने बताया कि जब वह घर आया था तो तनाव में दिख रहा था। पुलिस उसकी हत्या और आत्महत्या की जांच कर रही है।