19एमएनपी-14-गांव धारऊ में दो बालिकाओं के हत्यारोपी पिता की जांच कराती पुलिस
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मैनपुरी। दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाला सुखदेव नशे में इस कदर धुत था कि उसे अपने किए पर जरा भी पछतावा नहीं था। पुलिस और मीडिया के कैमरों के सामने उसने अपना जुर्म भी कबूल किया। बृहस्पतिवार सुबह नशा उतरने पर हत्यारोपी को अपनी गलती का अहसास हुआ। इसके बाद वह पुलिस हिरासत में फफक-फफक कर रोता रहा।
वहीं पोस्टमार्टम हाउस पर रिश्तेदारों और परिवार के लोगों की भीड़ रही। सभी हत्यारोपी को कोसते रहे। लोगों का कहना था कि बेटियों ने गलती की, लेकिन उससे भी बड़ी गलती तो पिता ने की। गुस्सा और नशे के आवेश में आकर पिता ने अपना हंसता खेलता परिवार तबाह कर दिया। वहीं वारदात के बाद से पत्नी रामा देवी बेसुध है। महिला को दोहरा गम है, क्यों कि उसने अपनी दो जवान बेटियों को खोया है। वहीं वारदात को अंजाम देने के बाद पति भी जेल चला गया।
पढ़ने लिखने में होशियार थीं बेटियां
परिजनों ने बताया कि नेहा शर्मा बीए प्रथम वर्ष तथा अनामिका हाईस्कूल की छात्रा थी। दोनों ही पढ़ने में होशियार थीं। सुखदेव भी बेटियों को चाहता था, लेकिन पता नहीं उसके सिर पर सनक कहां से सवार हो गई जो उसने खुद ही बेटियों को मौत के घाट उतार दिया।
घर में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा सके पड़ोसी
सुखदेव के घर से गोलियों के चलते की आवाज और परिजनों की चीख पुकार सुनकर पड़ोसी दौड़कर मौके पर पहुंचे। पड़ोसी घर में दाखिल हुए तो अंदर का दृश्य देखकर उनका दिल दहल गया। कोई भी अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। मोहल्ला निवासी राजू ने बताया कि कमरे में दोनों बेटियों के शव खून से लथपथ पड़े हुए थे। वहीं सुखदेव शवों के पास ही तमंचा लेकर बैठा था। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी भी अकेले घर के अंदर घुसने की हिम्मत नहीं कर सके। एक साथ कई पुलिसकर्मी कमरे में दाखिल हुए और सबसे पहले हत्यारोपी को दबोचा। वारदात की जानकारी पुलिस को खुद हत्यारोपी ने दी थी, हालांकि तहरीर में पत्नी द्वारा सूचना देने की बात कही गई है।
एसपी की नम हो गईं आंखें
दो जवान बेटियों की हत्या की जानकारी मिलने के बाद एसपी अजय कुमार और एएसपी ओमप्रकाश सिंह खुद मौके पर पहुंचे। बेटियों के शव को देखकर दोनों अधिकारियों की आंखें नम हो गईं। मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मी भी हत्यारोपी को कोसने लगे।