पिता ने की चार साल के बालक हत्या
नाना की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज किया मामला, सोमवार रात ससुराल आया था आरोपी पिता
संवाद न्यूज एजेंसी
मक्खनपुर (फिरोजाबाद)। गांव सांती में नाना के घर रह रहे चार वर्षीय बालक की नाक और मुंह से खून आने के बाद संदिग्ध हालात में मौत हो गई। नाना ने मृत बालक के पिता पर हत्या का केस दर्ज कराया है। आरोप है कि वह अपने दोनों पुत्रों को अपनी संतान नहीं मानता है।
मक्खनपुर थाना क्षेत्र के गांव सांती निवासी लक्ष्मीशंकर ने बड़ी बेटी निर्मला का विवाह दस साल पूर्व आगरा के शाहदरा चुंगी निवासी सुनील के साथ किया था। निर्मला के पास दो बेटे और दो बेटियां हैं। पति-पत्नी में तीन साल से विवाद चल रहा है। पांच माह पूर्व समझौता होने पर निर्मला चारों बच्चों को लेकर पति के पास आगरा शाहदरा चुंगी रहने चली गई। यहां पर दोबारा सुनील अपने पुत्रों के साथ दुर्व्यवहार करने लगा। जानकारी होने पर दो माह पूर्व लक्ष्मीशंकर दोनों नातियों यशवीर (6) व डेविड (4) को गांव सांती ले आए। यहां नाना-नानी के साथ मौसी विनीता और हेमा दोनों की देखभाल करतीं थीं। सोमवार रात करीब आठ बजे सुनील ऑटो लेकर अकेला सांती पहुंचा। खाना खाने के बाद सुनील छत पर सोने चला गया। डेविड (4) नानी शुकंतला देवी और यशवीर (6) मौसी विनीता के पास सो रहा था। मंगलवार भोर में तीन बजे सुनील सास शकुंतला देवी को जगाकर आगरा जाने की बात कहकर निकल गया। सुबह करीब आठ बजे यशवीर ने मौसी विनीता को डेविड के न जागने की जानकारी दी। कहा, जब वह डेविड को जगाने पहुंची तो उसकी नाक से खून निकल रहा था। निजी चिकित्सक पर ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया।
एसपी देहात डॉ. अखिलेश नारायण सिंह बोले, नाना लक्ष्मीशंकर की तहरीर पर सुनील के खिलाफ डेविड की हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सुनील पहले भी कर चुका है पुत्रों की हत्या की कोशिश
ससुराल पक्ष ने लगाया आरोप, आगरा में सिर के बाल मुंह में भर दिए थे
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद/खैरगढ़। अपने दोनों बेटों को मारने के लिए आगरा के शाहदरा चुंगी निवासी सुनील ने पहले भी कई बार कोशिश कर चुका है। ऐसा आरोप है उसके ससुराल पक्ष के लोगों का है।
डेविड की मौसी और गांव सांती निवासी विनीता की मानें तो सुनील ने अपने पुत्रों की हत्या के लिए पहले भी कई बार कोशिश की। समझौते होने के बाद निर्मला जब अपनी पुत्रियों के साथ दोनों पुत्रों को आगरा ले गई थी। तब आगरा में पुत्रों के साथ मारपीट करते हुए उनके मुंह में सिर के बाल आदि सुनील ने भर दिए थे। जिससे सांस घुटने के साथ ही मौत हो सके। बहन निर्मला ने हर बार अपने पुत्रों की जान बचाई। सुनील सिर्फ अपनी बेटियों को ही प्यार करता था। वह डेविड और यशवीर को अपनी संतान नहीं मानता था। सोमवार रात करीब आठ बजे जब सुनील घर आया तो डेविड और उसके बड़े भाई यशवीर के पैर भी छुए थे। इसके बाद भी यशवीर का दिल नहीं पसीना और बेटों के प्रति उसका प्यार नहीं जागा।
एसपी देहात डॉ. अखिलेश नारायण सिंह बोले, नाना लक्ष्मीशंकर की तहरीर पर सुनील के खिलाफ डेविड की हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। थानाध्यक्ष मक्खनपुर महेश कुमार ने बताया कि हत्यारोपी सुनील की गिरफ्तारी को एक टीम आगरा भी भेजी गई थी। लेकिन सुनील वहां पर नहीं मिला।
जांच को जाएगा डेविड का विसरा
थानाध्यक्ष मक्खनपुर महेश कुमार ने बताया कि डेविड की मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं हो सका है। डेविड का विसरा जांच के लिए भेजा जाएगा। विसरा की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल परिजन ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।